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Hindi News ›   India News ›   Kerala HC denies bail 12 persons sentenced to 7 yrs for beating tribal man to death in 2018 for stealing food

Kerala: हाईकोर्ट ने सजा पाए 12 दोषियों की जमानत याचिका को किया खारिज, आदिवासी महिला की पीट-पीटकर की थी हत्या

Wed, 15 Nov 2023 11:13 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि (केरल)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि (केरल) Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 15 Nov 2023 11:13 PM IST
सार

Kerala: न्यायमूर्ति पी बी सुरेश कुमार और न्यायमूर्ति पी जी अजितकुमार की पीठ ने कहा कि दोषियों का पीड़िता को सार्वजनिक रूप से काफी देर तक निर्वस्त्र घुमाना और उसके हाथ पीछे से बांधकर रखना निश्चित रूप से मामले को असाधारण बनाता है।

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Kerala HC denies bail 12 persons sentenced to 7 yrs for beating tribal man to death in 2018 for stealing food
केरल उच्च न्यायालय - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

केरल हाईकोर्ट ने पलक्कड़ जिले में 2018 में कथित तौर पर भोजन चुराने के लिए एक आदिवासी महिला की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में दोषी ठहराए गए 13 व्यक्तियों में से 12 की जमानत याचिका बुधवार को खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि उनके कृत्य से समाज की अंतरात्मा पर धब्बा लगा है। इन सभी को सात साल की सजा सुनाई गई थी। 

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न्यायमूर्ति पीबी सुरेश कुमार और न्यायमूर्ति पीजी अजित कुमार की पीठ ने कहा कि दोषियों का पीड़िता को सार्वजनिक रूप से काफी देर तक निर्वस्त्र घुमाना और उसके हाथ पीछे से बांधकर रखना निश्चित रूप से मामले को असाधारण बनाता है। इस तरह के कृत्य की प्रकृति ने सामाजिक विवेक और समाज के सांस्कृतिक ताने-बाने पर एक धब्बा लगाया है।

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उच्च न्यायालय ने कहा कि पीड़िता मधु पर दोषियों के लगातार हमलों के कारण उसकी मौत हुई। अदालत ने यह भी कहा कि उनमें से कुछ के कहने पर पीड़िता की मां को भी धमकी दी गई। अदालत ने कहा, उन तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए जमानत पर रिहा होने की स्थिति में दूसरी प्रतिवादी (पीड़िता की मां) की सुरक्षा को लेकर चिंता है।
 

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इसके साथ ही अदालत ने मामले के मुख्य आरोपी की सजा निलंबित कर दी और उसे यह कहते हुए जमानत दे दी कि वह सभा का पक्षकार नहीं था जिसने पीड़िता को परेशान किया था और उसका मजाक उड़ाया था।
 

पीठ ने कहा, हमारा मानना है कि पहला आरोपी सजा के निलंबन का आदेश पाने का हकदार है, जबकि अन्य याचिकाकर्ता (अन्य दोषी) नहीं हैं। अदालत ने मुख्य आरोपी-दोषी को इस शर्त पर जमानत दी कि वह एक लाख रुपये के मुचलके और इतनी ही राशि के दो मुचलके जमा करेगा।
 

उन पर लगाई गई जमानत की अन्य शर्तों में कहा गया है कि उसे एक महीने की अवधि के भीतर पूरी जुर्माना राशि जमा करनी होगी, अपनी दोषसिद्धि और सजा के खिलाफ उनकी अपील का निपटारा होने तक पलक्कड़ जिले की सीमा में प्रवेश नहीं करना होगा, और निचली अदालत की अनुमति के बिना विदेश नहीं जाएगा।

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