फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Kerala govt to deduct 25 percent of salary of employees flouting rules related to Dying in harness scheme

Dying in Harness Scheme: नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों पर केरल सरकार सख्त, काटेगी 25 फीसदी वेतन

Wed, 12 Jul 2023 10:17 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 12 Jul 2023 10:17 PM IST
सार

डेथ इन हार्नेस प्रावधान के तहत सरकारी नौकरी हासिल करने वाले कर्मचारियों पर केरल सरकार ने बुधवार को सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

विज्ञापन
Kerala govt to deduct 25 percent of salary of employees flouting rules related to Dying in harness scheme
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन - फोटो : Social Media

विस्तार

डेथ इन हार्नेस प्रावधान के तहत सरकारी नौकरी हासिल करने वाले कर्मचारियों पर केरल सरकार ने बुधवार को सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। सरकार का नियम है कि नौकरी प्राप्तकर्ता मृत कर्मचारी के अन्य आश्रितों की उपेक्षा करते पाया गया तो उस पर कार्रवाई होगी।

विज्ञापन


कैबिनेट ने कहा कि जो कर्मचारी इस तरह के प्रावधान के तहत सेवा में प्रवेश करते हैं, वे मृत कर्मचारियों के अन्य आश्रितों की सुरक्षा के लिए उत्तरदायी हैं। कैबिनेट ने नियुक्ति प्राधिकारियों को ऐसे कर्मचारियों के मासिक मूल वेतन का 25 फीसदी काटने और पात्र आश्रितों को भुगतान करने के लिए अधिकृत करने का आदेश जारी करने का निर्णय लिया जो अपने आश्रितों की रक्षा नहीं करते हैं।
विज्ञापन


यदि डाइंग इन हार्नेस प्रावधान के तहत सेवा में शामिल होने वाले कर्मचारी अपने आश्रितों की भोजन, संपत्ति, आश्रय, उपचार और देखभाल सहित जरूरतों का ख्याल नहीं रखते हैं, तो वे नियुक्ति प्राधिकारी के पास उक्त कर्मचारी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार के फैसले के मुताबिक, अगर ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ मिली शिकायतें सही साबित हुईं तो उनके मूल वेतन का 25 फीसदी मासिक जब्त कर उनके आश्रितों के बैंक खातों में जमा कर दिया जाएगा। आश्रितों की शिकायत की जांच संबंधित तहसीलदार से कराई जाएगी।


सीएमओ की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि तहसीलदार की जांच से असंतुष्ट कर्मचारी तीन महीने के भीतर जिला कलेक्टर के पास अपील कर सकते हैं और जिला कलेक्टर द्वारा लिया गया निर्णय अंतिम होगा। हालाँकि, इसमें कहा गया है कि यदि आश्रित पारिवारिक पेंशन के हकदार हैं तो वे सुरक्षा के हकदार नहीं हैं।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed