{"_id":"5f656df98ebc3eedf904847d","slug":"kerala-govt-accept-consignments-of-quran-packets-and-dates-imported-by-uae-consulate-two-cases-registered","type":"story","status":"publish","title_hn":"UAE से आई थी 'खजूर' और 'कुरान' की खेप, केरल सरकार के खिलाफ दो केस दर्ज","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
UAE से आई थी 'खजूर' और 'कुरान' की खेप, केरल सरकार के खिलाफ दो केस दर्ज
Sat, 19 Sep 2020 08:47 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: Sneha Baluni
Updated Sat, 19 Sep 2020 08:47 AM IST
विज्ञापन
पिनाराई विजयन (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
केरल सरकार को यूएई वाणिज्य दूतावास के जरिए भेजे गए खजूर और कुरान के पैकेट को स्वीकार करना भारी पड़ गया है। सरकार के खिलाफ सीमा शुल्क विभाग ने दो मामले दर्ज किए हैं। दरअसल, राज्य सरकार ने राजनयिक चैनल के माध्यम से अपने निजी इस्तेमाल के लिए कथित तौर पर यूएई द्वारा आयातित 18 हजार किलोग्राम खजूर और पवित्र कुरान की खेप को स्वीकार किया है।
विज्ञापन
Two cases have been registered against the Kerala govt for accepting consignments of Quran packets and 18,000 kg of dates imported by the UAE consulate officials through diplomatic channel: Customs Officials.
— ANI (@ANI) September 19, 2020विज्ञापन
इसके अलावा उन कुछ शक्तिशाली व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच शुरू हो गई है जिन्होंने कानून का कथित रूप से उल्लंघन किया है। सीमा शुल्क अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार ने अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए 2017 में तिरुवनंतपुरम में यूएई वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों द्वारा आयातित 18,000 किलोग्राम के खजूर को स्वीकार किया गया था।
विज्ञापन
इसी तरह यूएई वाणिज्य दूतावास द्वारा 2020 में आयातित पवित्र कुरान की खेप भी राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा स्वीकार की गई थी। अधिकारियों ने कहा कि ये सीमा शुल्क अधिनियम के उल्लंघन के स्पष्ट मामले हैं क्योंकि राज्य सरकार ने कर छूट प्रमाणपत्र के जरिए अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए राजनयिकों द्वारा लाई गई वस्तुओं को स्वीकारा गया था।
अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारी अच्छी तरह जानते हैं कि उन्हें विदेशी सरकार से कुछ भी लेने से मना किया गया है। यूएई के अधिकारियों ने अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए कुछ वस्तुओं का आयात किया और राज्य सरकार ने उन वस्तुओं को कुछ स्थानों पर वितरण के लिए स्वीकार कर लिया।
उन्होंने दावा किया कि ये सीमा शुल्क अधिनियम, मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम के कुछ प्रावधानों के तहत उल्लंघन का एक स्पष्ट मामला है। अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार के कुछ शक्तिशाली व्यक्तियों, जिन्होंने इन वस्तुओं को कुछ स्थानों पर वितरित करने हेतु उपहार के रूप में स्वीकार किया था, उन्हें स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया जाएगा।