Kerala: CAA को लेकर राज्यपाल का CM विजयन पर पलटवार, कहा- कानून को लागू होने से कोई नहीं रोक सकता
सीएए पर मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए राज्यपाल आरिफ मो. खान ने कहा कि वह अपनी राय रखने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन कोई भी देश के कानून को लागू होने से नहीं रोक सकता है।
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नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) पर मुख्यमंत्री पिनरई विजयन की टिप्पणी को लेकर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने पलटवार किया है। राज्यपाल खान ने कहा कि वह अपनी राय रखने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन कोई भी देश के कानून को लागू होने से नहीं रोक सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वह उनकी राय है, लेकिन तीन तलाक अब कोई मुद्दा नहीं है, कानून 2019 में लागू किया गया था। बहुत सारी महिलाओं और बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो गया है। अगर किसी को इससे कोई समस्या है तो मैं क्या कर सकता हूं।
सीएए को लेकर सीएम विजयन ने क्या कहा था?
दरअसल, मुख्यमंत्री विजयन ने हाल ही में कहा कि केंद्र सरकार का सीएए पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिंदुओं, सिखों, ईसाइयों, जैनियों और पारसियों को नागरिकता देने की सुविधा के लिए लाया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा था कि इसे केरल में किसी भी कीमत पर लागू नहीं किया जाएगा। विजयन ने आरोप लगाया था कि केंद्र ने सीएए के जरिए नागरिकता तय करने के लिए धर्म का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, हमने पहले ही इस पर अपना रुख साफ कर दिया है। हम इसे किसी भी कीमत पर यहां लागू नहीं होने देंगे।
पिनरई विजयन ने पूछे थे ये सवाल
उन्होंने पूछा था कि क्या कोई देश वैवाहिक तलाक के मामलों में सजा के अलग पैमाने रख सकता है। उन्होंने सवाल किया था, कई धार्मिक पृष्ठभूमि के लोग भारत में आए हैं। क्या हम हर शख्स को सजा के लिए एक अलग तरीके का इस्तेमाल कर सकते हैं? एक निश्चित धर्म का पालन करने वाले शख्स के लिए एक कानून है और दूसरे के लिए अलग कानून है। क्या हम कह सकते हैं कि हमें हमारी नागरिकता इसलिए मिली क्योंकि हम एक विशेष धर्म में पैदा हुए हैं? इसके अलावा उन्होंने आरएसएस के साथ हालिया बैठक को लेकर जमात-ए-इस्लामी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों पर जमात की स्थिति अन्य मुस्लिम समूहों के रुख को पेश नहीं करती है।
अफसरों ने फर्जी दस्तावेज से किया मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष का दुरुपयोग
केरल के सतर्कता और भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (वीएसीबी) ने सरकारी अधिकारियों, चिकित्सकों और एजेंट के संगठित नेटवर्क के फर्जी मेडिकल प्रमाण पत्र जमा कर बड़े पैमाने पर मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में अनियमितता करने का खुलासा किया है। राहत कोष में धोखाधड़ी की पुष्टि करते हुए वीएसीबी निदेशक मनोज अब्राहम ने बृहस्पतिवार को मीडिया को बताया, एजेंसी ने खुफिया जानकारी और इस संबंध में शिकायतों के आधार पर पूरे राज्य में छापेमारी की। कई स्थानों पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ।
सीएमओ ने कुछ आवेदनों के फर्जी पाए जाने के बाद गबन की जांच का निर्देश दिया था। अब्राहम ने कहा, इस अपराध के कुछ जिलों में ही सीमित रहने का दावा करना जल्दबाजी होगा, क्योंकि जांच के दौरान सामने आया कि राज्य के लगभग सभी जिलों में फर्जीवाड़ा किया गया। भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष के दो साल के दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है। करीब 2,000 फाइलों की जांच की जा रही है। इस बीच, मामले के खुलासे पर विपक्षी कांग्रेस ने हैरानी जताते हुए प्रकरण की जांच विशेष टीम से कराने की मांग की है।