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अंग व्यापार पर रोक लगाएगी केरल सरकार, स्वैप दान करेगी ऐसे शुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोची
Updated Thu, 05 Apr 2018 08:47 PM IST
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मरीजों और उनके परिजनों के लिए केरल में स्वास्थ्य की संभावनाएं बेहतर करने का एक बड़ा प्रयास शुरू होने जा रहा है। बड़े पैमाने पर अंग व्यापार को समाप्त करने और गंभीर रूप से रोगियों के लिए अधिक प्रत्यारोपण के संचालन में सहायता के उद्देश्य से केरल सरकार विशुद्ध रूप से स्वस्थ दान की एक विधि को शुरू करने के लिए तैयार है।
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उदाहरण के तौर पर एक पति, जो अपनी पत्नी के लिए गुर्दा दान करने के लिए असंगत है, किसी अन्य परिवार के अजनबी के लिए दान कर सकता है। वहीं अजनबी से संबंधित कोई भी उसकी पत्नी के लिए ऐसा कर सकता है। इस तरह ये समस्या समाप्त होगी जिसमें अपने परिवार के सदस्यों को दान करने में लोग असमर्थ हैं क्योंकि वे वैद्यकीय रूप से असंगत हैं।
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वैसे तो अंग दान का यह तरीका राज्य में चुनिंदा अस्पतालों में किया जाता है, लेकिन यह पहली बार है कि इसे केरल नेटवर्क फॉर ऑर्गन शेयरिंग (KNOS) की मदद से इस्तेमाल किया जा सकेगा। नोडल एजेंसी विभिन्न अंगों के प्रत्यारोपण के लिए प्रतीक्षा सूची में रोगियों का ट्रैक रखता है।
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फरवरी में राज्य सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने स्वैप दान के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे। 27 जनवरी को प्रत्यारोपण सलाहकार समिति (सीटीएसी) की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा भी हुई थी।
प्रत्यारोपण सलाहकार समिति में इस बात को लेकर भी कई बार विचार विमर्श हुआ है कि कैसे दो अस्पतालों के बीच इस प्रत्यारोपण विधि के दौरान तालमेल बनाया जाएगा। किसी भी अंग प्रत्यारोपण मामले में अगर दो से अधिक अस्पताल शामिल हैं तो कैसे इस विधि को पूरा किया जाएगा।
सरकार ने इस मामले पर जोर दिया है कि स्वैप दान के इन मामलों को अस्पताल / जिला / राज्य की प्राधिकरण समिति द्वारा अनुमोदित किया जाना चाहिए, जिसमें प्रत्यारोपण किया जाना है। स्वैप दान की अनुमति केवल मरीजों के निकट रिश्तेदारों के बीच है।
इस पूरे प्रयास का उद्देश्य अंग व्यापार को समाप्त करना है, जिससे बिचौलियों को ऐसी परिस्थियों से लाभ कमाने का मौका ना मिल सके। 21 अप्रैल को तिरूवनंतपुरम में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया है जहां सरकारी अधिकारी, अस्पताल के अधिकारियों और डॉक्टरों के बीच इन दिशानिर्देशों पर चर्चा करने के लिए भाग लिया जाएगा।