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केरल की बाढ़ का प्रकोप झेल रहे ग्रामीणों को मिली कब्रिस्तान में शरण
भाषा, अलापुजा
Updated Mon, 27 Aug 2018 01:57 PM IST
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kerala flood
- फोटो : अमर उजाला
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केरल में बारिश भले ही थम गई है लेकिन उससे उत्पन्न हुई परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। हजारों ऐसे लोग राहत शिविरों में मौजूद हैं जिनका इस बाढ़ के पानी में सबकुछ बह गया। वे लोग जीवन पटरी पर लौटने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे ही केरल के एक जिले अलापुजा के गांव कैनाकारी में जैसे जैसे पानी घरों में घुसने लगा, लोगों ने सुरक्षित आश्रय की तलाश शुरू कर दिया था। यहां कम से कम 20 परिवार ऐसे हैं जिन्होंने गिरजाघर के कब्रिस्तान में शरण ले रखी है। ये लोग फिलहाल अपने मवेशियों के साथ यहीं पर रह रहे हैं।
उन्हीं में से एक हैं थानकाचन और उनका परिवार जिन्होंने मदद लेकर सुरक्षित स्थान पर जाने से इसलिए इनकार कर दिया क्योंकि उन्हें अपनी गायों और बकरियों की चिंता थी। लेकिन जब पानी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया तो परिवार ने अपने मवेशियों को साथ लेकर गांव में सेंट मैरी गिरजाघर के कब्रिस्तान में पनाह ली।
उन्होंने कहा, ‘हमें यहां कब्रों के बीच रहने में कोई डर नहीं लग रहा है। मेरे पिता, बड़ी बहन और कई संबंधियों को यहीं पर दफनाया गया था। हमारे पास गायें और बकरियां हैं जिन्हें हम छोड़कर नहीं जाना चाहते थे।’ उनके अतिरिक्त 20 अन्य परिवार भी कब्रिस्तान में ही रह रहे हैं।
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उन्हीं में से एक हैं थानकाचन और उनका परिवार जिन्होंने मदद लेकर सुरक्षित स्थान पर जाने से इसलिए इनकार कर दिया क्योंकि उन्हें अपनी गायों और बकरियों की चिंता थी। लेकिन जब पानी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया तो परिवार ने अपने मवेशियों को साथ लेकर गांव में सेंट मैरी गिरजाघर के कब्रिस्तान में पनाह ली।
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उन्होंने कहा, ‘हमें यहां कब्रों के बीच रहने में कोई डर नहीं लग रहा है। मेरे पिता, बड़ी बहन और कई संबंधियों को यहीं पर दफनाया गया था। हमारे पास गायें और बकरियां हैं जिन्हें हम छोड़कर नहीं जाना चाहते थे।’ उनके अतिरिक्त 20 अन्य परिवार भी कब्रिस्तान में ही रह रहे हैं।
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