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केरल चुनाव में सोशल इंजीनियरिंग: भाजपा ने खेला अम्मा कार्ड, मौन ध्रुवीकरण से उलटफेर की तैयारी; बदलेगा समीकरण?

Mon, 06 Apr 2026 07:36 AM IST
Shubham Kumar आशुतोष भाटिया
आशुतोष भाटिया Published by: Shubham Kumar Updated Mon, 06 Apr 2026 07:36 AM IST
सार

केरल में राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए भाजपा और संघ ‘सांस्कृतिक रणनीति’ पर काम कर रहे हैं। इसके केंद्र में संत माता अमृतानंदमयी (अम्मा) हैं, जिनका प्रधानमंत्री मोदी से करीबी रिश्ता है। अयोध्या दौरे और राम मंदिर कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी को तटस्थ हिंदू मतदाताओं तक सांस्कृतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जो राज्य के सामाजिक समीकरण बदल सकता है।

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Kerala Elections Social Engineering BJP Plays the Amma Card Preparing for an Upset Through Silent Polarization
BJP - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

केरल के लाल दुर्ग में सेंध लगाने के लिए भाजपा और संघ परिवार मौन सांस्कृतिक ध्रुवीकरण की रणनीति पर काम कर रहे हैं। इस रणनीति के केंद्र में हैं केरल की प्रख्यात संत माता अमृतानंदमयी, जिन्हें अम्मा नाम से पुकारा जाता है। अम्मा स्वयं भले राजनीतिक तटस्थता बनाए रखती हों, पर प्रधानमंत्री मोदी से उनका आत्मीय संबंध केरल के सामाजिक समीकरण बदल सकता है।

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अयोध्या दौरा
पिछले महीने अम्मा अपने 1,000 से अधिक अनुयायियों के साथ अयोध्या पहुंचीं। उन्होंने राम मंदिर में श्री रामयंत्र स्थापना समारोह में भाग लिया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ मंच साझा किया। यह केरल के तटस्थ हिंदू मतदाताओं के लिए एक साफ सांस्कृतिक संदेश था। यह यात्रा बिना किसी राजनीतिक भाषण के भाजपा के सांस्कृतिक गौरव के एजेंडे को मजबूती दे गई। इससे पहले हरियाणा में अमृता अस्पताल के उद्घाटन के दौरान पीएम ने अम्मा के चरणों में झुककर आशीर्वाद लिया था।
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धीवर समाज
अम्मा का केरल के धीवर (मछुआरा) समुदाय से होना भाजपा और संघ परिवार के लिए अहम है। केरल की ये पिछड़ी जातियां लंबे समय से वामपंथ का आधार रही हैं। भाजपा के शीर्ष नेताओं का अम्मा के प्रति श्रद्धा जताना इन समुदायों की जातिगत पहचान को हिंदू पहचान में विलय करने की प्रक्रिया का हिस्सा भी है। इसके पीछे केरल में पार्टी की एक नई सोशल इंजीनियरिंग दिखाई पड़ती है।
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हिंदू एकता सम्मेलन
केरल हिंदू समुदाय की विभिन्न जातियों को एक मंच पर लाने कि लिए आरएसएस ने हिंदू एकता सम्मेलन आयोजित किए। राजीव चंद्रशेखर की नेमम विधानसभा सीट पर हाल ही में यह सम्मेलन माता अमृतानंदमयी मठ के स्कूल अमृता विद्यालयम में आयोजित किया गया। यह संघ परिवार का ऐसा मॉडल है जिसमें आध्यात्मिकता, समाज सेवा और राजनीतिक दूरदर्शिता मिलकर एक नई चुनावी जमीन तैयार कर रहे हैं। आने वाले वर्षों में केरल में यह प्रयोग निर्णायक साबित हो सकता है।


क्यों खास हैं अम्मा?
हगिंग सेंट के रूप में जानी जाने वाली अम्मा 3.7 करोड़ से अधिक लोगों को व्यक्तिगत आलिंगन दे चुकी हैं। भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान केंद्र सरकार ने अम्मा को सिविल-20 का अध्यक्ष नियुक्त किया। अम्मा की अगुवाई में सिविल 20 ने दुनिया भर के हजारों संगठनों के साथ संवाद कर एक नीति-पत्र तैयार किया, जिसे जी-20 शिखर सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया। बाढ़, सुनामी और कोविड जैसे बड़े संकटों में उनके व्यापक जनकल्याण कार्यों ने उन्हें केरल और भारत के सामाजिक सेवा क्षेत्र में एक अग्रणी शक्ति बनाया है। कोल्लम के वल्लिकावु स्थित उनके आश्रम में 3,000 से ज्यादा स्थायी साधक रहते हैं, जिनमें अनेक साधक विदेशी हैं।


 

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