{"_id":"60c7d77981e280120b615d0e","slug":"kerala-ed-starts-investigation-in-bjps-election-fund-loot-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"केरल: भाजपा के चुनावी फंड की लूट मामले में ईडी ने शुरू की जांच","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
केरल: भाजपा के चुनावी फंड की लूट मामले में ईडी ने शुरू की जांच
Tue, 15 Jun 2021 03:56 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 15 Jun 2021 03:56 AM IST
सार
- केरल हाईकोर्ट ने 4 जून को केरल ईडी से त्रिशूर में भाजपा के चुनावी फंड के 3.5 करोड़ रुपये लूटे जाने के मामले में 10 दिन के अंदर जांच कर इस धनराशि के मूल स्रोत का पता लगाकर बताने के निर्देश दिए
विज्ञापन
प्रवर्तन निदेशालय
- फोटो : social media
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केरल के त्रिशूर में भाजपा के चुनावी फंड की लूट मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर जांच शुरू कर दी है। ईडी ने त्रिशूर जिला पुलिस से एफआईआर और जांच रिपोर्ट की कॉपी ले ली है।
विज्ञापन
गत 4 जून को केरल हाईकोर्ट ने ईडी से त्रिशूर में भाजपा के चुनावी फंड के 3.5 करोड़ रुपये लूटे जाने के मामले में 10 दिन के अंदर जांच कर इस धनराशि के मूल स्रोत का पता लगाकर बताने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
प्रदेश संगठन में बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट, प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी दिल्ली तलब
इस बीच केरल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन को दिल्ली बुलाया गया है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी सीपी राधाकृष्णन भी अगले हफ्ते दिल्ली पहुंचने वाले हैं। माना जा रहा है कि पार्टी हाईकमान जल्द ही केरल भाजपा संगठन में कुछ बड़े बदलाव कर सकता है।
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव में भाजपा के खराब प्रदर्शन पर पार्टी द्वारा बनाई जांच समिति ने रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को भेज दी है। जांच समिति में पूर्व आईपीएस सीवी आनंद बोस, पूर्व आईएएस जैकब थॉमस और मेट्रो मैन ई श्रीधरन थे। तीनों केरल भाजपा से जुड़े हैं।
सबरीमाला विवाद में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद पार्टी को इस चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी लेकिन वह एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हुई। यहां तक पिछले चुनाव में जीती नेमाम सीट भी पार्टी हार गई। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के. सुरेंद्रन के खिलाफ अपने विरोधी उम्मीदवार को पैसे देकर नामांकन वापस लेने और आदिवासी नेता सीके जानू को भाजपा में शामिल होने के लिए 10 लाख रुपये दिए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।