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नृत्य के दौरान कथकली दिग्गज पद्मभूषण वासुदेवन का निधन, रामायण पर दे रहे थे प्रस्तुति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 08 Feb 2018 01:15 AM IST
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प्रख्यात कथकली नर्तक पद्मभूषण मदवूर वासुदेवन नायर का केरल के कोल्लम में स्टेज पर नृत्य के दौरान निधन हो गया। वह 88 वर्ष की आयु में मंगलवार रात यहां के अगस्तयकोदु महादेव मंदिर परिसर में रामायण महाकाव्य पर आधारित ‘रावण विजयम’ कथकली नृत्य शैली प्रस्तुत कर रहे थे। इस दौरान वासुदेवन मंच पर बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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केरल के कोल्लम में 88 वर्ष की आयु में हुआ निधन
सात अप्रैल 1929 को तिरुवनंतपुरम के मदवूर पल्लीकल में जन्मे और गुरू चेंगनुर रमन पिल्लै के शिष्य रहे नायर ने 13 साल की उम्र से कथकली करना शुरू कर दिया था। कथकली के दक्षिण केरल स्कूल के अंतिम कलाकारों में वासुदेवन भी शामिल थे। उन्होंने इस शास्त्रीय नृत्य के जरिये रावण, दुर्योधन, कीचक आदि के किरदार निभाए।
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उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां और एक बेटा है। नायर को 2011 में पद्मभूषण से नवाजा गया था। 1997 में उन्हें संगीत नाटक अकादमी सम्मान प्रदान किया गया। उन्हें मिले सम्मानों में केरल कलामंडलम पुरस्कार भी शामिल है। उन्होंने दुनिया भर में कथकली की प्रस्तुतियां दीं। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और कई अन्य नेताओं ने वासुदेवन नायर के निधन पर शोक जताया है।
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एक पखवाड़े में दूसरी घटना
केरल में एक पखवाड़े के अंदर यह दूसरी घटना है, जब किसी दिग्गज नर्तक की मंच पर मौत हुई है। 28 जनवरी को जाने माने ओट्टन तुल्लन कलाकार कलामंडलम गीतानंदन (58) का त्रिशूर के निकटवर्ती इरिंजालाकुड्डा में एक मंदिर में प्रस्तुति के दौरान निधन हो गया था। वर्ष 2000 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और वर्ष 2010 में कलामंडलम पुरस्कार समेत कई पुरस्कारों से नवाजे गए गीतानंदन ने 30 से अधिक मलयालम फिल्मों में भी काम किया था।