वाइको के बिगड़े बोल, भारत के 100वें स्वतंत्रता दिवस पर कश्मीर नहीं होगा भारत का हिस्सा
- एमडीएमके के प्रमुख वाइको ने कहा 100वें स्वतंत्रता दिवस पर भी कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं होगा।
- अनुच्छेद 370 पर सरकार के फैसले की निंदा की।
- राज्यसभा में 370 पर चर्चा के दौरान इसे दुख का फैसला कहा था।
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तमिलनाडु की राजनीतिक पार्टी एमडीएमके के प्रमुख वाइको ने एक विवादित बयान दिया जिसमें उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार के जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को रद्द करने के फैसले की निंदा की और कहा कि भारत के 100वें स्वतंत्रता दिवस पर भी कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत में नहीं होगा जब भारत अपनी आजादी के 100वें साल का जश्न में डूबा होगा और आजादी की खुशियां मना रहा होगा। साथ ही उन्होंने कश्मीर के हालात के लिए भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस को भी जिम्मेदार ठहराया।
Kashmir will not be part of India on 100th Independence Day: Vaiko
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वाइको ने कहा कि मैंने कश्मीर मुद्दे पर कांग्रेस पर 30 प्रतिशत और भाजपा पर 70 प्रतिशत हमला किया है। साथ ही यह भी कहा कि डीएमके के संस्थापक सी एन अन्नादुराई जो अन्ना के नाम से प्रसिद्ध है उनके 110 वें जन्मदिन पर पार्टी एक कार्यक्रम का आयोजन करेगी। पांच अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म कर दिया और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया।
इससे पहले राज्यसभा में अनुच्छेद 370 पर चर्चा के दौरान वाइको ने कहा था कि यह दुख का दिन है। उन्होंने कहा था कि आज का दिन दुःख का दिन है क्योंकि हमने अपना वादा नहीं निभाया है। जब पाकिस्तानी सैनिकों ने कश्मीर के इलाके में प्रवेश किया, तो महाराजा हरि सिंह ने जवाहरलाल नेहरू को एक दूत भेजा। जिसके बाद समझौते पर हस्ताक्षर किया गया था।
वाइको ने कहा था कि जब कश्मीरी नेता शेख अब्दुल्ला ने भारत के साथ जाने का फैसला किया, तो उन्होंने एक शर्त रखी कि जम्मू-कश्मीर राज्य की व्यक्तित्व और मौलिकता से समझौता नहीं किया जाएगा।