कश्मीर के शहरी इलाके बने पाकिस्तानी करतूतों का नया केंद्र: जनरल रावत
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सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने कहा है कि पाकिस्तान ने अब अपनी भारत विरोधी गतिविधियों का केंद्र शहर और शहरी इलाकों को बना लिया है। अब शहरों के पढ़े-लिखे आवाम में धर्म और कथित जेहाद का जहर भरने की कोशिश बड़ी सफाई से चल रही है। सेना प्रमुख के मुताबिक पाक के इस नए पैंतरे को मनोवैज्ञानिक युद्ध (साइकोलोजिकल वॉर) और अवधारणा प्रबंधन (परशेप्सन मैनेजमेंट) से ही काटा जा सकता है।
जनरल रावत ने कहा कि अब पाकिस्तान के प्राक्सी वार के तहत किए जा रहे करतूतों को पहले से भांपने की जरूरत है। लिहाजा सेना समेत पूरा सुरक्षा तंत्र नई रणनीति पर काम कर रहा है। रावत ने कहा कि पहले आतंकी करतूत के केंद्र घाटी के गांव और दूर-दराज के इलाके थे।
सेना अब समस्या की जड़ को पहचान गई है
वहां जनसंख्या कम होने की वजह से सुरक्षा तंत्र को कम लोगों से निबटना पड़ता था, लेकिन शहरों की बड़ी आबादी और घनत्व की वजह से नई समस्याएं सामने आ रही हैं। यही वजह है कि सुरक्षा तंत्र के लिए शुरुआत में यह पहेली बनी रही कि शहरी युवकों के हाथ में बंदूक कहां से आ रहा है।
रावत ने कहा कि सेना अब समस्या की जड़ को पहचान गई है। इससे निबटने की पूरी योजना बना ली गई है। रावत ने इसे गुरुत्वाकर्षण के केंद्र में बदलाव बताया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र अब आम जनता के बीच पहुंच गया है जहां तक पहुंचना जटिल काम है। इसके लिए बंदूक और सैन्य कार्रवाई के साथ मनोवैज्ञानिक और अवधारणा के स्तर पर भी लड़ा जा रहा है।