{"_id":"6aeef657ec29254093087718","slug":"karnataka-seven-family-murder-case-minor-daughter-role-investigation-priyank-kharge-update-2026-11-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिता ने किया था बेटी का ब्रेनवॉश?: कर्नाटक में सात हत्याओं में अब तक मिला एक शव, नाबालिग की भूमिका पर सवाल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पिता ने किया था बेटी का ब्रेनवॉश?: कर्नाटक में सात हत्याओं में अब तक मिला एक शव, नाबालिग की भूमिका पर सवाल
Sat, 07 Nov 2026 04:17 PM IST
अमन मौर्या
आईएएनएस, बंगलूरू, कर्नाटक
आईएएनएस, बंगलूरू, कर्नाटक
Published by: अमन मौर्या
Updated Sat, 07 Nov 2026 04:17 PM IST
सार
बंगलूरू में एक परिवार के सात सदस्यों की हत्या के मामले में पुलिस आरोपी इंदुशेखर की नाबालिग बेटी की भूमिका की जांच कर रही है। आशंका है कि आरोपी ने बेटी का ब्रेनवॉश किया था। अब तक केवल एक शव बरामद हुआ है। गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने बताया कि पुलिस पारिवारिक विवाद और आरोपी के दावों की भी पड़ताल कर रही है।
विज्ञापन
सांकेतिक फोटो
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने शनिवार को बताया कि एक परिवार के सात सदस्यों की हत्या के मामले में जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी की नाबालिग बेटी भी इसमें शामिल थी और किन परिस्थितियों में वह शवों को ले जाते समय अपने पिता के साथ गई थी।
बंगलूरू में पत्रकारों से बात करते हुए खरगे ने कहा कि अब तक सात में से केवल एक ही शव बरामद हुआ है। उन्होंने बताया कि चूंकि जांच अभी चल रही है, इसलिए पुलिस अभी और जानकारी साझा नहीं कर रही है। खरगे ने कहा, 'आरोपी ने कई कारण बताए हैं, जिनमें से एक यह है कि उसकी पत्नी के परिवार वाले उससे ठीक से बात नहीं करते थे। उसने अपनी पत्नी पर भी कई आरोप लगाए हैं। हम इन सभी दावों की पुष्टि कर रहे हैं।'
उन्होंने बताया कि आरोपी इंदुशेखर और उसकी पत्नी दिव्या की उम्र में करीब 13 से 14 साल का अंतर है। पड़ोसियों के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होते थे और वे एक-दूसरे पर चिल्लाते थे। उन्होंने कहा कि पुलिस इन बयानों की भी जांच कर रही है। नाबालिग बेटी के बारे में गृह मंत्री ने बताया कि पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उसने अपराध में अपने पिता का साथ दिया था। शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि आरोपी ने अपनी बेटी का भरोसा जीता और कथित तौर पर उसका 'ब्रेनवॉश' कर दिया था। उन्होंने कहा, 'सभी तथ्यों का पता लगाने में अभी और समय लगेगा।'
विज्ञापन
जांचकर्ताओं को और क्या पता चला?
इस बीच, जांचकर्ताओं को पता चला है कि आरोपी ने शवों को ठिकाने लगाने से पहले उन्हें लगभग 10 बार टेप से लपेटा था। वह शवों को ले जाते समय अपनी नाबालिग बेटी को भी साथ ले गया था, क्योंकि उसे लगा कि बेटी के साथ होने से किसी को उन पर शक नहीं होगा। शवों को तड़के सुबह ले जाया गया था। पुलिस को यह भी पता चला है कि आरोपी ने पीड़ितों के शरीर से सोने के गहने निकाल लिए थे। बताया जा रहा है कि उसने कुछ गहने बेच दिए, कुछ गिरवी रख दिए और बाकी अपने पास रख लिए।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। वहीं, बेटी का कहना है कि उसने बस अपने पिता के निर्देशों का पालन किया। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने अपनी नाबालिग बेटी का इस्तेमाल करके, दूसरों को 'प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस' ( पॉक्सो) एक्ट के तहत केस दर्ज कराने की धमकी दी और उनसे पैसे वसूले। मिली जानकारी के अनुसार, इससे पहले गाड़ी पार्क करने को लेकर शेखर और उसकी बेटी के बीच झगड़ा हुआ था, जिसके बाद उन्होंने कथित तौर पर एक झूठी शिकायत दर्ज कराई थी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने उन्हें फटकार भी लगाई थी।
आरोपी की बेटी ने क्या बताया?
आरोपी की बेटी कथित तौर पर ऐसे झगड़ों को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लेती थी। पूछताछ के दौरान, उसने पुलिस को बताया कि उसने अपने पिता के कहने पर ऐसा किया था। इस बीच, पुलिस ने टोयोटा इटिओस कार (रजिस्ट्रेशन नंबर KA 02 AF 1488) को जब्त कर लिया है, जिसका इस्तेमाल आरोपी ने कथित तौर पर शवों को ले जाने के लिए किया था। इस गाड़ी पर 'प्रेस' का स्टिकर लगा हुआ था।
एसीपी प्रभावती को मिली जिम्मेदारी?
मामले की गंभीरता को देखते हुए, जांच को पुलिस इंस्पेक्टर कृष्णा से हटाकर असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (एसीपी) प्रभावती को सौंप दिया गया है, जिन्हें जांच अधिकारी (इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर) नियुक्त किया गया है। एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस, वामशी कृष्णा, इस जांच की देखरेख और निगरानी करेंगे। पुलिस हत्याओं के सिलसिले, शवों को ठिकाने लगाने, कथित आर्थिक उद्देश्यों और आरोपी की बेटी की संभावित भूमिका को लेकर अपनी जांच जारी रखे हुए है।
विज्ञापन
बंगलूरू में पत्रकारों से बात करते हुए खरगे ने कहा कि अब तक सात में से केवल एक ही शव बरामद हुआ है। उन्होंने बताया कि चूंकि जांच अभी चल रही है, इसलिए पुलिस अभी और जानकारी साझा नहीं कर रही है। खरगे ने कहा, 'आरोपी ने कई कारण बताए हैं, जिनमें से एक यह है कि उसकी पत्नी के परिवार वाले उससे ठीक से बात नहीं करते थे। उसने अपनी पत्नी पर भी कई आरोप लगाए हैं। हम इन सभी दावों की पुष्टि कर रहे हैं।'
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि आरोपी इंदुशेखर और उसकी पत्नी दिव्या की उम्र में करीब 13 से 14 साल का अंतर है। पड़ोसियों के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होते थे और वे एक-दूसरे पर चिल्लाते थे। उन्होंने कहा कि पुलिस इन बयानों की भी जांच कर रही है। नाबालिग बेटी के बारे में गृह मंत्री ने बताया कि पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उसने अपराध में अपने पिता का साथ दिया था। शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि आरोपी ने अपनी बेटी का भरोसा जीता और कथित तौर पर उसका 'ब्रेनवॉश' कर दिया था। उन्होंने कहा, 'सभी तथ्यों का पता लगाने में अभी और समय लगेगा।'
विज्ञापन
जांचकर्ताओं को और क्या पता चला?
इस बीच, जांचकर्ताओं को पता चला है कि आरोपी ने शवों को ठिकाने लगाने से पहले उन्हें लगभग 10 बार टेप से लपेटा था। वह शवों को ले जाते समय अपनी नाबालिग बेटी को भी साथ ले गया था, क्योंकि उसे लगा कि बेटी के साथ होने से किसी को उन पर शक नहीं होगा। शवों को तड़के सुबह ले जाया गया था। पुलिस को यह भी पता चला है कि आरोपी ने पीड़ितों के शरीर से सोने के गहने निकाल लिए थे। बताया जा रहा है कि उसने कुछ गहने बेच दिए, कुछ गिरवी रख दिए और बाकी अपने पास रख लिए।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। वहीं, बेटी का कहना है कि उसने बस अपने पिता के निर्देशों का पालन किया। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने अपनी नाबालिग बेटी का इस्तेमाल करके, दूसरों को 'प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस' ( पॉक्सो) एक्ट के तहत केस दर्ज कराने की धमकी दी और उनसे पैसे वसूले। मिली जानकारी के अनुसार, इससे पहले गाड़ी पार्क करने को लेकर शेखर और उसकी बेटी के बीच झगड़ा हुआ था, जिसके बाद उन्होंने कथित तौर पर एक झूठी शिकायत दर्ज कराई थी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने उन्हें फटकार भी लगाई थी।
आरोपी की बेटी ने क्या बताया?
आरोपी की बेटी कथित तौर पर ऐसे झगड़ों को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लेती थी। पूछताछ के दौरान, उसने पुलिस को बताया कि उसने अपने पिता के कहने पर ऐसा किया था। इस बीच, पुलिस ने टोयोटा इटिओस कार (रजिस्ट्रेशन नंबर KA 02 AF 1488) को जब्त कर लिया है, जिसका इस्तेमाल आरोपी ने कथित तौर पर शवों को ले जाने के लिए किया था। इस गाड़ी पर 'प्रेस' का स्टिकर लगा हुआ था।
एसीपी प्रभावती को मिली जिम्मेदारी?
मामले की गंभीरता को देखते हुए, जांच को पुलिस इंस्पेक्टर कृष्णा से हटाकर असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (एसीपी) प्रभावती को सौंप दिया गया है, जिन्हें जांच अधिकारी (इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर) नियुक्त किया गया है। एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस, वामशी कृष्णा, इस जांच की देखरेख और निगरानी करेंगे। पुलिस हत्याओं के सिलसिले, शवों को ठिकाने लगाने, कथित आर्थिक उद्देश्यों और आरोपी की बेटी की संभावित भूमिका को लेकर अपनी जांच जारी रखे हुए है।