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Karnataka Results: चुनावी मैदान में सबसे बड़ी जीत दर्ज करने वाले पांच चेहरे, जानें कितने मतों से किला किया फतह

Sat, 13 May 2023 08:55 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 13 May 2023 08:55 PM IST
सार

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 के नतीजे सामने आ चुके हैं। राज्य में कांग्रेस बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। इन चुनावों कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने सबसे ज्यादा मतों के अंतर से प्रतिद्वंद्वी को हराया है। 

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Karnataka Poll Result Five faces who registered the biggest win
कर्नाटक चुनाव में सर्वाधिक मतों से जीतने वाले प्रत्याशी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कर्नाटक के विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद अब तस्वीर पूरी तरह से साफ हो चुकी है। राज्य में कांग्रेस पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने जा रही है। इन परिणामों का राज्य के राजनीतिक परिदृश्य और आगामी लोकसभा चुनाव पर भी दूरगामी प्रभाव दिखेगा। 224 सीटों वाली विधानसभा के लिए दस मई को मतदान हुआ था। इन चुनाव में किन पांच चेहरों ने सबसे बड़ी जीत दर्ज की है, आइए उनके बारे में जानते हैं। 

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डीके शिवकुमार: राज्य की 224 सीटों में सबसे ज्यादा मतों से किसी नेता ने प्रतिद्वंद्वी को हराया है, तो वह कांग्रेस के डीके शिवकुमार हैं। उन्होंने कनकपुरा सीट पर जनता दल (सेक्युलर) के बी. नागराजू को 1 लाख 22 हजार 392 मतों से हराया। डीके शिवकुमार को इस सीट पर कुल 1 लाख 43 हजार मत प्राप्त हुए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी नागराजू को 20 हजार 631 मत हासिल हुए। वह कांग्रेस की प्रदेश कमेटी के अध्यक्ष भी हैं। शिवकुमार को कांग्रेस का ऐसा सिपाही माना जाता है, जिन्होंने पार्टी के हर आदेश को चुपचाप माना। साथ ही जरूरत के समय पार्टी के साथ खड़े भी दिखाई दिए। उन्हें कांग्रेस का संकटमोचक भी कहा जाता है। उन्हें अब कांग्रेस के मुख्यमंत्री के दावेदारों में एक माना जा रहा है। 
 

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गणेश प्रकाश हुक्केरी: इन चुनावों में सबसे बड़ी जीत दर्ज करने वाले प्रमुख चेहरों में कांग्रेस के गणेश प्रकाश दूसरे नंबर पर हैं। इन्होंने चिक्कोडी-सगाल्दा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार कट्टी रमेश विश्वनाथ को 78 हजार 509 मतों से हराया है। इस सीट पर 2018 में भी उन्होंने जीत दर्ज की थी। चुनाव आयोग में दाखिल हलफनामे में हुक्केरी ने 12.13 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी जबकि उनकी देनदारियां 1.25 करोड़ रुपये हैं। विधायक के पास क्रमश: 8.41 करोड़ रुपये और 3.72 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति है।
 

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लक्ष्मण सांगप्पा: कांग्रेस उम्मीदवार लक्ष्मण सांगप्पा सावदी ने अठानी सीट पर भाजपा के उम्मीदवार को 76 हजार 122 मतों से हराया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री सांगप्पा सावदी ने अठानी सीट पर 1,31,404 मतों और 68.34 फीसदी वोट शेयर के साथ जीत दर्ज की, जबकि भाजपा के महेश इरानागौड़ा कुमाथल्ली 55,282 मतों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। इस निर्वाचन क्षेत्र में 1,08,709 पुरुष सामान्य मतदाता, 1,01,312 महिला सामान्य मतदाता और 10 अन्य मतदाता हैं। इस क्षेत्र में मतदाताओं का लिंगानुपात 93.2 है और साक्षरता दर 73.48 प्रतिशत के करीब है।
 

एसआर विश्वनाथ: भाजपा के उम्मीदवार एसआर विश्वनाथ ने येलहंका सीट पर कांग्रेस के केशव रजन्ना बी को 64 हजार 110 मतों से हराया है। 2018 के कर्नाटक राज्य चुनावों में एसआर विश्वनाथ ने भाजपा उम्मीदवार के रूप में हुनसुर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, लेकिन जनता दल (सेक्युलर) पार्टी के एचपी मंजूनाथ से हार गए थे। विश्वनाथ कर्नाटक में विधान परिषद (एमएलसी) के सदस्य के रूप में काम कर चुके हैं और भाजपा में विभिन्न पदों पर रहे हैं। बहुमत हासिल करने में विफल रहने के बावजूद भाजपा बेंगलुरु क्षेत्र को अपना गढ़ बनाए रखने में कामयाब रही।

एआर कृष्णमूर्ति: कांग्रेस उम्मीदवार ए.आर कृष्णमूर्ति ने कोलेगल सीट पर भाजपा के उम्मीदवार एन. महेश को 59 हजार 519 मतों से हराया है। कृष्णमूर्ति कर्नाटक में कांग्रेस में एक प्रमुख नेता हैं और पार्टी के भीतर विभिन्न पदों पर रहे हैं। वह पहले भी कर्नाटक में विधान सभा के सदस्य (एमएलए) के रूप में भी काम कर चुके हैं। साल 2004 के चुनाव में संथेमरनहल्ली निर्वाचन क्षेत्र से ध्रुवनारायण ने कृष्णमूर्ति को मात्र एक वोट से हरा दिया था। लेकिन, इस बार के चुनाव में जनता ने उन्हें भारी बहुमत से जीत दिलाई है।अपनी इस जीत पर कृष्णमूर्ति ने कहा, मेरे लिए जीत का अंतर महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि मेरे लिए जीत महत्वपूर्ण है, क्योंकि मैं कभी महज एक वोट के अंतर से चुनाव हार गया था। लेकिन इस बार 59 हजार से ज्यादा मत मिले हैं। उन्होंने बताया कि सिद्धारमैया ने कहा है कि वह इस बार कांग्रेस के गारंटी कार्ड के अलावा लोगों के भरोसे और पार्टी संगठन कीा वजह से जीते हैं। 

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