Karnataka: CM के खिलाफ फैसला सुनाने पर कांग्रेस का राज्यपाल पर भड़का गुस्सा, 'राजभवन चलो' अभियान चलाया
कर्नाटक में मुदा जमीन आवंटन घोटाले में सीएम सिद्धारमैया को राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है। इस पर कांग्रेस मंत्री सड़क पर उतर आए हैं।
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विस्तार
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने हाल ही में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी। इसके खिलाफ पूरे राज्य में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। आज सत्ता में मौजूद मंत्रियों ने मुदा मामले में राज्यपाल के फैसले के विरोध में 'राजभवन चलो' अभियान चलाया।
कौन-कौन रहा मौजूद?
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, राज्य मंत्रिमंडल के अन्य मंत्रियों के साथ-साथ कांग्रेस विधायकों ने राजभवन चलो में भाग लिया।
सीएम राज्यपाल की बैठक में शामिल नहीं हुए
कर्नाटक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत पर कांग्रेस के खिलाफ पक्षपातपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाने के विरोध में राजभवन तक मार्च किया। वहीं, सीएम सिद्धारमैया राज्यपाल की बैठक में शामिल नहीं हुए।
#WATCH | Bengaluru: Karnataka Congress leaders, led by state party chief and Deputy CM DK Shivakumar, march to Raj Bhavan in protest against Governor Thaawarchand Gehlot accusing him of biased behaviour against Congress. pic.twitter.com/tKYzUMAcs5
— ANI (@ANI) August 31, 2024
कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन 'राजभवन चलो' पर गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा, 'आज हम कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया के खिलाफ मामला चलाए जाने की अनुमति देने का विरोध कर रहे हैं। उनके सामने अन्य मामले भी हैं, लेकिन उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। हमारी मांग है कि राज्यपाल उन पर विचार क्यों नहीं कर रहे हैं और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति क्यों नहीं दे रहे हैं।
केवल सिद्धारमैया के खिलाफ ही फैसला क्यों लिया गया?: खरगे
कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा, 'हम बस यही पूछ रहे हैं कि केवल सिद्धारमैया के खिलाफ ही फैसला क्यों लिया गया? सीएम के खिलाफ मुकदमा चलाने की इतनी जल्दबाजी क्यों है। सिद्धारमैया के मामले में मुकदमा चलाने के लिए किसने कहा? एक आरटीआई कार्यकर्ता ने?। क्या जांच पूरी हो गई है? क्या किसी अन्य एजेंसी द्वारा इसका समर्थन किया गया है? नहीं। लेकिन कुमारस्वामी, जनार्दन रेड्डी के मामले में जांच एजेंसियों ने अभियोजन के लिए कहा है। मगर इन मामलों की फाइलें राज्यपाल के पास सड़ रही हैं। राज्यपाल इन 4-5 लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने या जारी करने में दिलचस्पी क्यों नहीं ले रहे हैं?
क्या बोले डिप्टी सीएम?
डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा, 'हम उनसे निष्पक्ष होने की मांग कर रहे हैं। यह (एचडी कुमारस्वामी के खिलाफ मामला) एक ऐसा मामला है, जहां पूरी जांच हो चुकी है। इसलिए, अभियोजन को मंजूरी दें और संविधान के अनुसार कानूनी रूप से कार्रवाई करें। उन्हें यह करना होगा। हालांकि बहुत दबाव हो सकता है, लेकिन हमें विश्वास है कि कुछ अच्छी समझ उन पर हावी होगी।'
यह है पूरा मामला
दरअसल, कर्नाटक में मुदा जमीन आवंटन घोटाले में सीएम सिद्धारमैया को राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही उनके खिलाफ जांच शुरू करने और मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी। राज्यपाल के आदेश को सीएम सिद्धारमैया ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट को 29 अगस्त को मामले पर सुनवाई करनी है। गृहमंत्री जी परमेश्वर ने कहा था कि हमने राज्यपाल के आचरण के संबंध में कुछ निर्णय लिए हैं। प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने राज्य में पार्टी की ओर से विरोध प्रदर्शन करने का एलान किया है। इसके बाद एक साथ सभी विधायक और सांसद राज्यपाल को ज्ञापन सौपेंगे।