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कर्नाटक: सिद्धारमैया के खिलाफ स्टिंग के मास्टरमाइंड थे कुमारस्वामी? मंत्री बोले- सरकारी आवास का हुआ इस्तेमाल
Mon, 02 Nov 2026 09:34 PM IST
राहुल कुमार
एएनआई, बंगलूरू।
एएनआई, बंगलूरू।
Published by: राहुल कुमार
Updated Mon, 02 Nov 2026 09:34 PM IST
सार
कर्नाटक में कथित खुफिया वीडियो को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने एचडी कुमारस्वामी पर वीडियो जारी कराने की साजिश रचने और अपने आवास का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। वहीं, कुमारस्वामी ने एसआईटी गठन में देरी पर राज्य सरकार को घेरा है। उन्होंने नितेश कुमार की गिरफ्तारी को लेकर भी पुलिस के दावे पर सवाल उठाए। आखिर इस विवाद में किसका दावा सही है और जांच शुरू करने में देरी क्यों हो रही है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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पूर्व सीएम सिद्धारमैया और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी
- फोटो : ANI
विस्तार
कर्नाटक के राजस्व, कानून और संसदीय कार्य मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता दल (सेक्युलर) के नेता कुमारस्वामी एक विवादास्पद स्टिंग वीडियो जारी करने के पीछे के मुख्य सूत्रधार थे। बायरे गौड़ा ने अपने बयान में दावा किया कि इस पूरे अभियान को अंजाम देने के लिए कुमारस्वामी के आधिकारिक आवास का इस्तेमाल किया गया था। इसमें उनकी सोशल मीडिया टीम और वित्तीय लेनदेन भी शामिल थे।
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कर्नाटक के मंत्री ने कहा, कुमारस्वामी ने तथाकथित स्टिंग वीडियो जारी करने की साजिश रची थी। उनकी सोशल मीडिया टीम सीधे तौर पर इसमें शामिल थी। इस काम को अंजाम देने के लिए उनके आधिकारिक आवास का इस्तेमाल किया गया और धन का हस्तांतरण भी किया गया। इस कदम के पीछे सोची-समझी राजनीतिक मंशा होने का आरोप लगाते हुए बायरे गौड़ा ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य एक साथ दो राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाना था।
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उन्होंने कहा, इसका मकसद एक तीर से दो शिकार करना था। पूर्व मुख्यमंत्री की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाना और मौजूदा मुख्यमंत्री पर दोष मढ़ना। यह राजनीतिक साजिश का एक बड़ा दांव था। कभी-कभी वास्तविक जिंदगी कल्पना से भी ज्यादा अजीब होती है। संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं की आलोचना करते हुए मंत्री ने कुमारस्वामी पर सार्वजनिक विमर्श का स्तर गिराने और चरित्र हनन में शामिल होने का आरोप लगाया।
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बायरे गौड़ा ने कहा, "जनता की भलाई के लिए मिले अवसरों का इस्तेमाल करने के बजाय अगर हम दिन-रात यही सब करने में लगे रहें, तो ऐसे राजनीतिक नेताओं का एकमात्र काम राजनीतिक साजिशें रचना रह जाता है। वे खुले तौर पर अनैतिक तरीके से किसी का चरित्र हनन करते हैं और बड़ी चालाकी से इसका दोष किसी दूसरे पर मढ़ देते हैं। यह जनता के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात है।"
मंत्री ने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, "क्या लोगों ने हमें इसीलिए यहां भेजा है? क्या जनता ने हमें सत्ता और पद इसी काम के लिए दिया है? सिर्फ इसलिए कि हम किसी दूसरे व्यक्ति को सत्ता में बर्दाश्त नहीं कर सकते। क्या यह सब दूसरों के प्रति नफरत और असहिष्णुता की वजह से हो रहा है?"
बायरे गौड़ा ने कहा, "इतने निचले स्तर पर गिरना और इसे ही अपना एकमात्र काम बना लेना न सिर्फ जनता के साथ विश्वासघात है, बल्कि इससे पूरी राजनीतिक व्यवस्था भी गर्त में जा रही है। कुमारस्वामी ने एसआईटी गठन में देरी पर उठाए सवाल इससे पहले सोमवार को केंद्रीय मंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के नेता एचडी कुमारस्वामी ने कथित स्टिंग ऑपरेशन की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने में देरी को लेकर प्रियंक खड़गे पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, "कर्नाटक के कैबिनेट मंत्री क्यों डरे हुए हैं? कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद राज्य सरकार जांच से बच रही है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान कुमारस्वामी ने कहा कि अगर इस मामले में प्रथम दृष्टया कोई मामला बनता है, तो इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि अब तक एसआईटी का गठन क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा, प्रथम दृष्टया कोई मामला सामने आए बिना कोई किस तरह की हेराफेरी कर सकता है? अगर प्रथम दृष्टया कोई मामला बनता है, तो निश्चित रूप से हम यह मुद्दा उठाएंगे। वे क्यों डरे हुए हैं? इस मामले को एसआईटी को क्यों नहीं सौंपा गया? हाईकोर्ट पहले ही एसआईटी गठित करने का निर्देश दे चुका है और पुलिस अधिकारियों के नाम भी सामने आए थे। लेकिन ये लोग सुप्रीम कोर्ट चले गए और एसआईटी का गठन न करने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की शरण ले ली। अब तक एसआईटी का गठन क्यों नहीं किया गया?"
नितेश कुमार की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस के दावे पर सवाल
केंद्रीय मंत्री ने मामले के सिलसिले में नितेश कुमार नाम के एक व्यक्ति की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस के दावे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इस दावे को गलत बताया कि नितेश कुमार को उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था। कुमारस्वामी ने कहा, क्या पुलिस अधिकारियों ने नितेश कुमार नाम के व्यक्ति को कुमारस्वामी के आवास से गिरफ्तार किया था? अब आप उस व्यक्ति को अदालत में पेश कर चुके हैं। उसने अपना पता गाजियाबाद का बताया है। उसे 23 अक्तूबर को गाजियाबाद के इंदिरापुरम से गिरफ्तार किया गया था।
केंद्रीय एजेंसियों से मदद लेने के आरोपों से किया इनकार
प्रियांक खड़गे के उन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिनमें कहा गया था कि उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और इसके लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है, कुमारस्वामी ने किसी भी तरह की मदद लेने से इन्कार किया।
उन्होंने कहा कि उन्होंने दिल्ली में किसी से भी हस्तक्षेप या सहायता नहीं मांगी है। कुमारस्वामी ने कहा, मेरी जिंदगी में या यहां तक कि मेरे परिवार के लिए भी इसकी क्या जरूरत है? जब मेरे भाई का परिवार मुश्किलों का सामना कर रहा था, तब भी हमने दिल्ली में किसी के सामने मदद के लिए हाथ नहीं फैलाया। उन्होंने इस मामले में किसी से भी कार्रवाई करने के लिए कहने से इन्कार किया। साथ ही, खड़गे के अपने उस आरोप का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह घटना कांग्रेस के एक नेता के परिवार के सदस्यों ने अंजाम दी थी। कुमारस्वामी ने कहा, मैंने किसी से भी इस तरह की कोई कार्रवाई करने के लिए नहीं कहा। उन्होंने खुद आरोप लगाया था कि यह घटना कांग्रेस के एक नेता के परिवार के सदस्यों ने अंजाम दी थी।"