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Karnataka: प्रज्ज्वल का राजनयिक पासपोर्ट रद्द करने की मांग पर केंद्र ने नहीं दिया कोई जवाब, गृह मंत्री का आरोप
Wed, 22 May 2024 03:43 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 22 May 2024 03:43 PM IST
सार
कर्नाटक के गृहमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा है कि हसन से सांसद प्रज्वल रेवन्ना द्वारा महिलाओं के कथित यौन शोषण से संबंधित मामलों से निपटने में राज्य सरकार की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है और विशेष जांच दल सभी पहलुओं की जांच कर रहा है।
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प्रज्वल रेवन्ना
- फोटो : Instagram/iprajwalrevanna
विस्तार
कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बुधवार को कहा कि अश्लील वीडियो मामले में केंद्र सरकार से प्रज्ज्वल रेवन्ना का राजनयिक पासपोर्ट रद्द करने की मांग की थी, लेकिन अभी तक केंद्र ने उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र की जिम्मेदारी है कि तय कानून के तहत मदद करे और राजनयिक पासपोर्ट को रद्द करे। राज्य सरकार ने प्रज्ज्वल रेवन्ना के खिलाफ शारीरिक शोषण के मामलों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। इसी एसआईटी टीम ने केंद्र सरकार को प्रज्ज्वल का राजनियक पासपोर्ट रद्द करने की अपील की थी।
गृह मंत्री ने केंद्र पर लगाए आरोप
जी परमेश्वर ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी पीएम मोदी को इस संबंध में पत्र लिखा है। कोर्ट ने प्रज्ज्वल रेवन्ना के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। ऐसे में राजनयिक पासपोर्ट को रद्द करना केंद्र की जिम्मेदारी है। 33 वर्षीय प्रज्ज्वल रेवन्ना पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा के पोते हैं और हासन लोकसभा सीट से सांसद हैं। प्रज्ज्वल पर कई महिलाओं का शारीरिक शोषण करने और उनकी अश्लील वीडियो बनाने के आरोप हैं। मामले का खुलासा होते ही प्रज्ज्वल रेवन्ना 27 अप्रैल को जर्मनी के लिए रवाना हो गए थे। माना जा रहा है कि प्रज्ज्वल अभी भी जर्मनी में ही हैं। एसआईटी की अपील पर इंटरपोल की तरफ से प्रज्ज्वल के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी हो चुका है।
राज्य सरकार से नहीं हुई कोई लापरवाही
कर्नाटक के गृहमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा है कि हसन से सांसद प्रज्वल रेवन्ना द्वारा महिलाओं के कथित यौन शोषण से संबंधित मामलों से निपटने में राज्य सरकार की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है और विशेष जांच दल सभी पहलुओं की जांच कर रहा है। परमेश्वर ने कर्नाटक में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब होने के विपक्षी दलों के आरोपों को भी खारिज कर दिया और राज्य पुलिस का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने (पुलिस ने) अच्छा काम किया है।
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परमेश्वर ने कहा, 'एसआईटी इस मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है और वे पूरी तरह सक्षम हैं। जैसे ही हमें इस मामले के बारे में पता चला हमने सबसे पहले इसे अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) को सौंप दिया और फिर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया। सरकार की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई। अगर कर्नाटक में खुफिया तंत्र विफल रहा तो केंद्रीय खुफिया तंत्र भी विफल रहा, क्योंकि उसने उन्हें (प्रज्वल को) देश से बाहर जाने दिया।'
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गृह मंत्री ने केंद्र पर लगाए आरोप
जी परमेश्वर ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी पीएम मोदी को इस संबंध में पत्र लिखा है। कोर्ट ने प्रज्ज्वल रेवन्ना के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। ऐसे में राजनयिक पासपोर्ट को रद्द करना केंद्र की जिम्मेदारी है। 33 वर्षीय प्रज्ज्वल रेवन्ना पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा के पोते हैं और हासन लोकसभा सीट से सांसद हैं। प्रज्ज्वल पर कई महिलाओं का शारीरिक शोषण करने और उनकी अश्लील वीडियो बनाने के आरोप हैं। मामले का खुलासा होते ही प्रज्ज्वल रेवन्ना 27 अप्रैल को जर्मनी के लिए रवाना हो गए थे। माना जा रहा है कि प्रज्ज्वल अभी भी जर्मनी में ही हैं। एसआईटी की अपील पर इंटरपोल की तरफ से प्रज्ज्वल के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी हो चुका है।
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राज्य सरकार से नहीं हुई कोई लापरवाही
कर्नाटक के गृहमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा है कि हसन से सांसद प्रज्वल रेवन्ना द्वारा महिलाओं के कथित यौन शोषण से संबंधित मामलों से निपटने में राज्य सरकार की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है और विशेष जांच दल सभी पहलुओं की जांच कर रहा है। परमेश्वर ने कर्नाटक में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब होने के विपक्षी दलों के आरोपों को भी खारिज कर दिया और राज्य पुलिस का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने (पुलिस ने) अच्छा काम किया है।
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परमेश्वर ने कहा, 'एसआईटी इस मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है और वे पूरी तरह सक्षम हैं। जैसे ही हमें इस मामले के बारे में पता चला हमने सबसे पहले इसे अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) को सौंप दिया और फिर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया। सरकार की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई। अगर कर्नाटक में खुफिया तंत्र विफल रहा तो केंद्रीय खुफिया तंत्र भी विफल रहा, क्योंकि उसने उन्हें (प्रज्वल को) देश से बाहर जाने दिया।'