फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Karnataka High Court rejects D K Shivakumar's petition challenging CBI FIR

Karnataka: कर्नाटक हाईकोर्ट ने डीके शिवकुमार को दिया झटका; CBI की FIR को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

Thu, 19 Oct 2023 03:31 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Thu, 19 Oct 2023 03:31 PM IST
सार

फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति नटराजन ने कहा कि चूंकि मामले में सीबीआई ने अधिकांश जांच कर ली है। ऐसे में अब अदालत इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगी। बता दें कि आय से अधिक संपत्ति के इस मामले में सीबीआई आरोपियों से बयान लेने का काम कर चुकी है।

विज्ञापन
Karnataka High Court rejects D K Shivakumar's petition challenging CBI FIR
डीके शिवकुमार(फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

कर्नाटक हाईकोर्ट से राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को करारा झटका लगा है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में हाईकोर्ट ने सीबीआई की एफआईआर को चुनौती देने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी है। इस मामले में न्यायमूर्ति के नटराजन ने सुनवाई पहले ही पूरी कर ली थी और फैसला सुरक्षित रख लिया था। जिसके बाद गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान फैसला सुनाया गया। साथ ही हाईकोर्ट ने सीबीआई को तीन महीने के भीतर जांच पूरी करने और रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन


फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति नटराजन ने कहा कि चूंकि मामले में सीबीआई ने अधिकांश जांच कर ली है। ऐसे में अब अदालत इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगी। बता दें कि आय से अधिक संपत्ति के इस मामले में सीबीआई आरोपियों से बयान लेने का काम कर चुकी है। अब सीबीआई आरोप पत्र दाखिल करने के वाली है। मामले में अभी अदालत का पूरा फैसला नहीं आया है। 
विज्ञापन


बता दें कि सीबीआई का आरोप है कि शिवकुमार ने 2013 और 2018 के बीच अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति इकट्ठी की। वह इस अवधि के दौरान पिछली कांग्रेस सरकार में मंत्री थे। इन आरोपों के आधार पर सीबीआई ने  तीन सितंबर, 2020 को एफआईआर दर्ज की थी।  
विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसल, आयकर विभाग ने 2017 में शिवकुमार के कार्यालयों और आवास पर रेड मारी थी, जिसके आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके खिलाफ जांच शुरू की थी। बाद में ईडी की जांच के आधार पर, सीबीआई ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए राज्य सरकार से मंजूरी मांगी। राज्य सरकार द्वारा 25 सितंबर, 2019 को मंजूरी दी गई थी और एक साल बाद एफआईआर दर्ज की गई थी।

जिसके बाद डीके शिवकुमार ने हाई कोर्ट में दो याचिकाएं दायर की थीं। इनमें एक है 25 सितंबर, 2019 को उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए राज्य सरकार की ओर से सीबीआई को दी गई मंजूरी के खिलाफ और दूसरी में 3 अक्तूबर, 2020 को सीबीआई की ओर से उनके खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी को चुनौती दी गई है। सीबीआई को दी गई मंजूरी को चुनौती देने वाली याचिका को हाईकोर्ट खारिज कर चुका है।

शिवकुमार ने दी प्रतिक्रिया
वहीं, डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया भी दी। उन्होंने कहा कि किसी ने मुझे फोन करके कहा कि मैंने जो याचिका दायर की है वह जांच नहीं करने के लिए है। दर्ज की गई एफआईआर में गलती है। मेरे खिलाफ, एफआईआर में गलत बातें हैं और एफआईआर में लिखे गए विवरण सही नहीं थे। हमारे वकील इस पर गौर करेंगे।


 इस दौरान कुछ लोगों द्वारा उन्हें सीएम बनाने की इच्छा जताने पर कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि हमें पांच साल के लिए सत्ता दी गई है। पार्टी नेतृत्व को जब भी जरूरत होगी फैसला करेगा। मुझे इसकी चिंता नहीं है। हमारी प्राथमिकता सुशासन प्रदान करना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed