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Karnataka High Court: नंदी पहाड़ियों की तलहटी में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश, राज्य समेत इन्हें नोटिस जारी
Wed, 11 Jan 2023 11:09 PM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
Published by: गुलाम अहमद
Updated Wed, 11 Jan 2023 11:09 PM IST
सार
नंदी पहाड़ियों की तलहटी में ईशा योग केंद्र खोलने के खिलाफ कर्नाटक हाईकोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि सरकार ने इसके लिए अवैध रूप से भूमि आवंटित की है।
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Karnataka High Court
- फोटो : PTI
विस्तार
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को आदियोगी मूर्ति के अनावरण और नंदी पहाड़ियों की तलहटी में ईशा योग केंद्र खोलने के मामले में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। साथ ही कर्नाटक सरकार, योग केंद्र और 14 अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया। सद्गुरु के ईशा फाउंडेशन की ओर से 15 जनवरी को प्रतिमा का अनावरण किया जाना था।
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इस परियोजना के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पारिस्थितिकी के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में वाणिज्यिक परिसर स्थापित किया जा रहा है। आरोप है कि सरकार ने इसके लिए अवैध रूप से भूमि आवंटित की है।
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क्याथप्पा एस. और चिक्कबल्लपुर के कुछ अन्य ग्रामीणों ने यह पीआईएल दायर की है। केंद्रीय पर्यावरण वन मंत्रालय, कर्नाटक सरकार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, ईशा योग केंद्र (कोयंबटूर) समेत 16 को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि अधिकारियों ने नियमों का उल्लंघन कर योग केंद्र के आध्यात्मिक गुरु के इशारे पर प्रसिद्ध नंदी पहाड़ी के आधार में एक निजी फाउंडेशन स्थापित करने दिया, जिससे चिक्कबल्लपुर होबली में नंदी पहाड़ी के मूल क्षेत्र में पर्यावरण पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट किया।
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यह भी आरोप है कि अधिकारियों ने कई सदियों से अस्तित्व में रहे नंदी पहाड़ी और नरसिम्हा देवारू रेंज (बेट्टा) की तलहटी में पारिस्थितिकी तंत्र, पर्यावरण और प्राकृतिक वर्षा जल धाराओं, जलाशयों, जल धाराओं को पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन करते हुए नष्ट करने दिया। इसका सीधा असर नंदी पहाड़ी क्षेत्र में रहने वालों, उनकी आजीविका, मवेशियों, भेड़, जंगली जानवरों पर पड़ रहा है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नदियां उत्तर पिनाकिनी और दक्षिण पिनाकिनी नंदी पहाड़ी से निकलती हैं, यहां केंद्र स्थापित करने से यह प्रभावित होंगी।