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कर्नाटक हिजाब विवाद: हाईकोर्ट में सुनवाई जारी, सरकार ने कहा- यूनिफॉर्म में धार्मिक पहलू नहीं होने चाहिए

Mon, 21 Feb 2022 03:36 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 21 Feb 2022 03:36 PM IST
सार

शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को बताया था कि उसके पांच फरवरी के सरकारी आदेश में हिजाब पर प्रतिबंध नहीं लगाया है, बल्कि केवल कॉलेज विकास समितियों (सीडीसी) को स्कूल की पोशाक तय करने का अधिकार दिया गया है।

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Karnataka High Court hearing petitions challenging the ban on hijab in educational institutions government says element of religious aspects should not be in uniform
कर्नाटक हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

कर्नाटक सरकार ने सोमवार को एक बार फिर कहा कि हिजाब धार्मिक परंपरा का आवश्यक अंग नहीं है और धार्मिक निर्देशों को शैक्षणिक संस्थानों से दूर रखा जाना चाहिए। हिजाब मामले की सुनवाई कर रही हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ के समक्ष महाधिवक्ता प्रभुलिंग नवदगी ने कहा कि हमारा मानना है कि हिजाब धार्मिक परंपरा का आवश्यक हिस्सा नहीं है। डॉ. बीआर अंबेडकर का संविधान सभा में दिया एक बयान भी है जिसमें उन्होंने कहा था कि हमें धार्मिक निर्देशों को शैक्षणिक संस्थानों से दूर रखना चाहिए।

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पूर्ण पीठ में चीफ जस्टिस ऋतुराज अवस्थी, जस्टिस जेएम काजी और जस्टिस कृष्णा एम दीक्षित शामिल हैं। नवदगी ने कहा कि केवल आवश्यक धार्मिक परंपराओं या प्रथाओं को ही अनुच्छेद 25 के तहत संरक्षण मिला है। यह अनुच्छेद लोगों को अपनी पसंद के धर्म, आस्था का पालन करने का हक देता है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 25 के हिस्से के तौर पर धर्म सुधार का भी जिक्र किया।
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सुनवाई शुरू होते ही सीजे अवस्थी ने कहा कि हिजाब के संबंध में कुछ स्पष्टीकरण जरूरी हैं। उन्होंने पूछा कि आपने दलील दी कि सरकारी आदेश नुकसान पहुंचाने वाला नहीं है और प्रदेश सरकार ने हिजाब पर पाबंदी नहीं लगाई है और उस पर कोई रोक भी नहीं है। सरकारी आदेश कहता है कि छात्रों को तय ड्रेस पहननी होगी। आपका रुख क्या हैं, शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब की अनुमति दी जा सकती है या नहीं?
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इस पर नवदगी ने कहा कि यदि संस्थान इसकी अनुमति देते हैं, तो सरकार इस पर कोई फैसला ले सकती है। कर्नाटक में स्कूलों में हिजाब पहनकर आने या नहीं आने को लेकर काफी दिनों से विवाद चल रहा है। 


बेंगलुरु में शैक्षणिक संस्थानों के आसपास 8 मार्च तक लागू रहेगी धारा 144
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में शैक्षणिक संस्थानों के आसपास लगी धारा 144 को 8 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया गया है। हिजाब विवाद को देखते हुए पुलिस ने लोगों के प्रदर्शन या एकत्र होने से रोकने के लिए पाबंदी लगाई थी। इसके लिए 9 फरवरी को आदेश जारी किया गया था और इसकी समय सीमा 22 फरवरी की सुबह खत्म हो रही थी। 

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