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Karnataka: HC ने येदियुरप्पा के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला किया खत्म, अवैध तरीके से भूखंड के आवंटन का था आरोप
Thu, 08 Jun 2023 04:03 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,बंगलूरू
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Thu, 08 Jun 2023 04:03 AM IST
सार
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट के आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने 2015 में येदियुरप्पा के खिलाफ यह मामला दर्ज कराया था।
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बीएस येदियुरप्पा
- फोटो : PTI
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विस्तार
कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के दिग्गत नेता बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में आपराधिक कार्यवाही खत्म कर दी है। येदियुरप्पा के खिलाफ अवैध तरीके से भूमि की अधिसूचना रद्द करने और भूखंड के आवंटन का आरोप था।
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट के आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने 2015 में येदियुरप्पा के खिलाफ यह मामला दर्ज कराया था। भाजपा नेता के वकील ने जस्टिस एम नागप्रसन्ना की पीठ को बताया कि समान पक्षों के बीच 2016 में संबंधित मामलों में हाईकोर्ट की एक समन्वय पीठ के दिए फैसले में समान मुद्दे को शामिल किया गया था। समन्वय पीठ ने तब सभी 15 एफआईआर खत्म कर दिए थे।
जस्टिस नागप्रसन्ना ने 1 जून के अपने फैसले में कहा कि चूंकि कैग की रिपोर्ट न्यायिक जांच के लिए उपलब्ध नहीं है, इसलिए उसे आपराधिक मामले का आधार और जांच का हिस्सा नहीं बनाया जा सकता है। इसके साथ ही पीठ येदियुरप्पा के खिलाफ लंबित मामले को खारिज कर दिया।
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भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट के आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने 2015 में येदियुरप्पा के खिलाफ यह मामला दर्ज कराया था। भाजपा नेता के वकील ने जस्टिस एम नागप्रसन्ना की पीठ को बताया कि समान पक्षों के बीच 2016 में संबंधित मामलों में हाईकोर्ट की एक समन्वय पीठ के दिए फैसले में समान मुद्दे को शामिल किया गया था। समन्वय पीठ ने तब सभी 15 एफआईआर खत्म कर दिए थे।
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जस्टिस नागप्रसन्ना ने 1 जून के अपने फैसले में कहा कि चूंकि कैग की रिपोर्ट न्यायिक जांच के लिए उपलब्ध नहीं है, इसलिए उसे आपराधिक मामले का आधार और जांच का हिस्सा नहीं बनाया जा सकता है। इसके साथ ही पीठ येदियुरप्पा के खिलाफ लंबित मामले को खारिज कर दिया।
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