{"_id":"67e40cc60dedd3923d0ef3f4","slug":"karnataka-guv-returns-greater-bengaluru-governance-bill-for-clarifications-news-in-hindi-2025-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnataka: राज्यपाल थावरचंद ने लौटाया ग्रेटर बेंगलुरु गवर्नेंस विधेयक, सिद्धारमैया सरकार से मांगा स्पष्टीकरण","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Karnataka: राज्यपाल थावरचंद ने लौटाया ग्रेटर बेंगलुरु गवर्नेंस विधेयक, सिद्धारमैया सरकार से मांगा स्पष्टीकरण
Wed, 26 Mar 2025 07:48 PM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: शुभम कुमार
Updated Wed, 26 Mar 2025 07:48 PM IST
सार
कर्नाटक विधानसभा में पास ग्रेटर बेंगलुरु गवर्नेंस विधेयक को राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने राज्य सरकार को वापस भेज दिया है। साथ ही राज्यपाल ने इसको लेकर सिद्धारमैया सरकार से स्पष्टीकरण भी मांगा है।
विज्ञापन
थावरचंद गहलोत
- फोटो : PTI
विस्तार
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने राज्य विधानमंडल से पारित ग्रेटर बेंगलुरु गवर्नेंस विधेयक को कुछ स्पष्टीकरण की मांग के साथ सरकार को लौटा दिया है। कानून और संसदीय मामलों के मंत्री एचके पाटिल ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी। बता दें कि यह विधेयक ग्रेटर बेंगलुरु क्षेत्र को 7 नगर निगमों में विभाजित करके बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) का पुनर्गठन करने का प्रस्ताव रखता है। इसके तहत ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण (जीबीए) का गठन भी किया जाएगा, जिसका काम समन्वय और पर्यवेक्षण करना होगा। जीबीए में महापौर और उप महापौर के पदों के लिए 30 महीने का कार्यकाल तय किया गया है।
विज्ञापन
राज्यपाल ने क्यों विधेयक को भेजा वापस
कर्नाटक विधानसभा में पारित बेंगलुरु गवर्नेंस विधेयक के प्रस्ताव के अनुसार, जीबीए का नेतृत्व मुख्यमंत्री करेंगे, जो इसके अध्यक्ष होंगे, और बेंगलुरु के विकास के प्रभारी मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। इस बात पर राज्यपाल ने विधेयक में उठाए गए कुछ सवालों और चिंताओं के कारण उसे वापस भेज दिया। इसको लेकर पाटिल ने कहा कि राज्यपाल ने कुछ स्पष्टीकरण की मांग करते हुए विधेयक को लौटा दिया है, और इसे अब स्पष्टीकरण के साथ फिर से राज्यपाल के पास भेजा जाएगा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें:- Assam: दिलवर हुसैन मजूमदार की गिरफ्तारी पर गुवाहाटी में विरोध-प्रदर्शन, पत्रकारों ने उठाई तुरंत रिहाई की मांग
विज्ञापन
मंत्री एच पाटिल ने दी जानकारी
संसदीय मामलों के मंत्री एचके पाटिल ने यह भी बताया कि अब तक 2023 से अगस्त तक कुल 119 विधेयक पारित किए जा चुके हैं, जिनमें से 83 विधेयकों को कानून के रूप में अधिसूचित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के पास 7 विधेयक और राष्ट्रपति के पास 5 विधेयक भेजे गए हैं, जिनकी मंजूरी का इंतजार है।
ये भी पढ़ें:- Defence: भारतीय सेना को मिलेंगी नई ताकत, रक्षा मंत्रालय ने 6,900 करोड़ रुपये के अनुबंध पर किए हस्ताक्षर
ग्रेटर बेंगलुरु गवर्नेंस विधेयक पर राज्यपाल का तर्क
इसके साथ ही राज्यपाल ने ग्रेटर बेंगलुरु गवर्नेंस विधेयक पर कहा कि इसका प्रस्ताव दिल्ली मेट्रोपॉलिटन सिटी की तर्ज पर है, जहां बीबीएमपी को 7 नगर निगमों में बांटने का विचार किया गया है। हालांकि, राज्यपाल ने दिल्ली के इस प्रयोग को विफल बताते हुए कर्नाटका में भी ऐसा होने की आशंका जताई और इसके बारे में गहन विचार करने की सलाह दी। गौरतलब है कि अब यह विधेयक राज्यपाल से फिर से अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा, जब सरकार द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण प्रस्तुत किए जाएंगे।