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कर्नाटक: आय से अधिक संपत्ति मामले में CBI का नोटिस, जयहिंद चैनल को डीके शिवकुमार के निवेश का ब्योरा देना होगा
Sun, 31 Dec 2023 03:21 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरू
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sun, 31 Dec 2023 03:21 PM IST
सार
कर्नाटक में आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। सीबीआई ने इस मामले में जयहिंद कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस भेजा है। कंपनी को शिवकुमार के निवेश का पूरा ब्योरा देने का निर्देश दिया गया है।
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डीके शिवकुमार(फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई ने जयहिंद चैनल को नोटिस जारी किया है। सीबीआई ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के निवेश का ब्योरा मांगा है। रविवार को सीबीआई की बेंगलुरु इकाई ने नोटिस भेजा। शिवकुमार के खिलाफ मामले की जांच कर रही सीबीआई ने जयहिंद कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को पेश होने का निर्देश दिया था। जांच अधिकारी द्वारा मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ सीबीआई ने 11 जनवरी, 2024 को पेश होने का निर्देश दिया था।
लेन-देन का ब्योरा देना होगा
सीबीआई ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 91 के तहत (नया नाम- भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता या BNSS) नोटिस जारी किया। केंद्रीय जांच एजेंसी ने जयहिंद चैनल से शिवकुमार और उनकी पत्नी उषा शिवकुमार के निवेश, उन्हें दिए गए लाभांश, शेयर लेनदेन, वित्तीय लेनदेन के साथ-साथ बैंक विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया। नोटिस के मुताबिक कंपनी को शिवकुमार के होल्डिंग्स का विवरण, उनके खाता-बही, अनुबंध नोट और अन्य विवरणों के साथ सभी शेयर लेनदेन का ब्योरा देना होगा।
परिजनों के निवेश का ब्योरा भी मांगा
गौरतलब है कि सीआरपीसी की धारा 91 एक पुलिस जांच अधिकारी को उसके द्वारा जांच किए गए मामले से संबंधित दस्तावेज तलब करने का अधिकार देती है। सीबीआई ने शिवकुमार के बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों के निवेश का विवरण भी मांगा गया है। परिजनों ने जयहिंद चैनल में कितना निवेश किया है? सीबीआई ने सभी लोगों से विवरण पेश करने को कहा है।
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कांग्रेस ने बताया राजनीतिक प्रतिशोध
जयहिंद के प्रबंध निदेशक बीएस शिजू ने कहा कि उन्हें सीबीआई का नोटिस मिला है। उन्होंने कहा कि कंपनी एजेंसी को सभी दस्तावेज मुहैया कराएगी। उन्होंने कहा कि सभी रिकॉर्ड उनके पास हैं और इसमें कोई अवैधता शामिल नहीं है। शिजू ने कहा कि सीबीआई की कार्रवाई केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के निर्देश पर हो रही है। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध का स्पष्ट मामला करार दिया।
चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं को परेशान करने का प्रयास
शिजू केरल प्रदेश के भी कांग्रेस नेता हैं। उन्होंने दावा किया कि इस मामले की जांच भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान भी हो चुकी है। बसवराज बोम्मई के सीएम रहते हुई जांच में कोई अवैध बात सामने नहीं आई। इस कारण मामला बंद कर दिया गया था। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले मामले को दोबारा खोलना कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं को चुनाव से पहले परेशान करने का प्रयास है।
तीन साल पहले दर्ज हुआ मामला
बता दें कि सीबीआई ने 2020 में डीके शिवकुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। केंद्रीय जांच एजेंसी का आरोप है कि 2013 और 2018 के बीच, उन्होंने कुल 74 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की। जो कथित तौर पर उनकी आय से अधिक है।
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लेन-देन का ब्योरा देना होगा
सीबीआई ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 91 के तहत (नया नाम- भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता या BNSS) नोटिस जारी किया। केंद्रीय जांच एजेंसी ने जयहिंद चैनल से शिवकुमार और उनकी पत्नी उषा शिवकुमार के निवेश, उन्हें दिए गए लाभांश, शेयर लेनदेन, वित्तीय लेनदेन के साथ-साथ बैंक विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया। नोटिस के मुताबिक कंपनी को शिवकुमार के होल्डिंग्स का विवरण, उनके खाता-बही, अनुबंध नोट और अन्य विवरणों के साथ सभी शेयर लेनदेन का ब्योरा देना होगा।
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परिजनों के निवेश का ब्योरा भी मांगा
गौरतलब है कि सीआरपीसी की धारा 91 एक पुलिस जांच अधिकारी को उसके द्वारा जांच किए गए मामले से संबंधित दस्तावेज तलब करने का अधिकार देती है। सीबीआई ने शिवकुमार के बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों के निवेश का विवरण भी मांगा गया है। परिजनों ने जयहिंद चैनल में कितना निवेश किया है? सीबीआई ने सभी लोगों से विवरण पेश करने को कहा है।
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कांग्रेस ने बताया राजनीतिक प्रतिशोध
जयहिंद के प्रबंध निदेशक बीएस शिजू ने कहा कि उन्हें सीबीआई का नोटिस मिला है। उन्होंने कहा कि कंपनी एजेंसी को सभी दस्तावेज मुहैया कराएगी। उन्होंने कहा कि सभी रिकॉर्ड उनके पास हैं और इसमें कोई अवैधता शामिल नहीं है। शिजू ने कहा कि सीबीआई की कार्रवाई केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के निर्देश पर हो रही है। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध का स्पष्ट मामला करार दिया।
चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं को परेशान करने का प्रयास
शिजू केरल प्रदेश के भी कांग्रेस नेता हैं। उन्होंने दावा किया कि इस मामले की जांच भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान भी हो चुकी है। बसवराज बोम्मई के सीएम रहते हुई जांच में कोई अवैध बात सामने नहीं आई। इस कारण मामला बंद कर दिया गया था। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले मामले को दोबारा खोलना कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं को चुनाव से पहले परेशान करने का प्रयास है।
तीन साल पहले दर्ज हुआ मामला
बता दें कि सीबीआई ने 2020 में डीके शिवकुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। केंद्रीय जांच एजेंसी का आरोप है कि 2013 और 2018 के बीच, उन्होंने कुल 74 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की। जो कथित तौर पर उनकी आय से अधिक है।