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Karnataka: 'परीक्षा में जनेऊ, मंगलसूत्र पर रोक का आदेश गलत', डिप्टी सीएम बोले- इससे लोगों में गुस्सा पनपता है
Mon, 28 Apr 2025 01:39 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 28 Apr 2025 01:39 PM IST
सार
डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि 'धार्मिक प्रतीक जैसे मंगलसूत्र या जनेऊ आदि की जरूरत पड़ने पर जांच की जा सकती है, लेकिन इन्हें पूरी तरह से हटाना गलत है।'
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डीके शिवकुमार
- फोटो : PTI
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विस्तार
रेलवे परीक्षा के दौरान धार्मिक प्रतीकों जैसे जनेऊ, मंगलसूत्र आदि के पहनने पर रोक लगाने के फैसले की कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने आलोचना की है और इस आदेश को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान धार्मिक प्रतीकों की जांच की जा सकती है, लेकिन इन पर पूरी तरह से रोक लगाना अनुचित है। डीके शिवकुमार ने कहा कि इस तरह से आदेश से लोगों में गुस्सा पनपता है।
डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने आदेश वापस लेने की मांग की
गौरतलब है कि रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड की मंगलवार को परीक्षा होनी है। इस परीक्षा में उम्मीदवारों के धार्मिक प्रतीकों जैसे जनेऊ, मंगलसूत्र आदि पहनने पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है। इस पर डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि 'धार्मिक प्रतीक जैसे मंगलसूत्र या जनेऊ आदि की जरूरत पड़ने पर जांच की जा सकती है, लेकिन इन्हें पूरी तरह से हटाना गलत है। हमारा साफ कहना है कि ऐसे धार्मिक प्रतीकों जैसे कान की बाली, मंगलसूत्र, जनेऊ या कमरबंद आदि की जांच की जा सकती है, इसमें कुछ भी गलत नहीं है। लेकिन पूर्व में ऐसी घटनाएं भी हुई हैं, जहां लोगों ने अपने कान में छोटी सी डिवाइस रख ली। ये सही नहीं है। इस आदेश को वापस लिया जाना चाहिए..। मुझे लगता है कि जो भी लोगों में गुस्सा पैदा करे, उसे हटा देना चाहिए। मेरी मांग है कि ऐसे नियम हटाए जाने चाहिए।'
ये भी पढ़ें- पहलगाम हमले पर विवादित बयान: 'आतंकियों के पास पूछने का समय होता है क्या?' एक और कांग्रेस विधायक की फिसली जुबान
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वीएचपी ने भी जताई थी आपत्ति
गौरतलब है कि हिंदूवादी संगठन विश्व हिंदू परिषद ने भी आरआरबी की परीक्षा में धार्मिक प्रतीकों पर रोक के आदेश की आलोचना की है। विश्व हिंदू परिषद ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि इस आदेश को वापस लिया जाए ताकि हिंदू उम्मीदवार बिना अपने धार्मिक मूल्यों से समझौता किए परीक्षा दे सकें। वीएचपी ने कहा कि इस तरह से आदेश से हिंदुओं की संवेदनाएं आहत हुई हैं। आरआरबी की परीक्षा मंगलवार को होनी है। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों कर्नाटक में इस मुद्दे पर विवाद हुआ था, जब सीईटी की परीक्षा के दौरान एक छात्र से जनेऊ उतारने के लिए कहा गया। इस पर काफी विवाद हुआ था।
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डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने आदेश वापस लेने की मांग की
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वीएचपी ने भी जताई थी आपत्ति
गौरतलब है कि हिंदूवादी संगठन विश्व हिंदू परिषद ने भी आरआरबी की परीक्षा में धार्मिक प्रतीकों पर रोक के आदेश की आलोचना की है। विश्व हिंदू परिषद ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि इस आदेश को वापस लिया जाए ताकि हिंदू उम्मीदवार बिना अपने धार्मिक मूल्यों से समझौता किए परीक्षा दे सकें। वीएचपी ने कहा कि इस तरह से आदेश से हिंदुओं की संवेदनाएं आहत हुई हैं। आरआरबी की परीक्षा मंगलवार को होनी है। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों कर्नाटक में इस मुद्दे पर विवाद हुआ था, जब सीईटी की परीक्षा के दौरान एक छात्र से जनेऊ उतारने के लिए कहा गया। इस पर काफी विवाद हुआ था।
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