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कर्नाटक : साइबर अपराधियों ने AI जनरेटेड ट्रंप के वीडियो से वकील को ठगा, होटल में निवेश का दिया था लालच
Mon, 26 May 2025 08:30 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: राहुल कुमार
Updated Mon, 26 May 2025 08:30 PM IST
सार
इस साल जनवरी में उन्हें यूट्यूब पर एक वीडियो मिला, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप के होटल में निवेश का अवसर दिया गया था। वीडियो के साथ आए लिंक के साथ ही वकील जालसाजों के चुंगल में फंसता चला गया। जिसके बाद लाखों की धनराशि गंवाता चला गया।
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साइबर क्राइम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
साइबर अपराधियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एआई-जनरेटेड वीडियो का इस्तेमाल करके एक 38 वर्षीय वकील को ठग लिया। पुलिस ने बताया कि जालसाजों ने 'डोनाल्ड ट्रंप होटल रेंटल्स' की योजना में निवेश करने का लालच दिया। मामला छह मई को तब प्रकाश में आया, जब पीड़ित ने अपनी शिकायत हावेरी सेंट्रल क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई।
वकील ने कहा कि इस साल जनवरी में उन्हें यूट्यूब पर एक वीडियो मिला, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप के होटल में निवेश का अवसर दिया गया था। उन्होंने जब लिंक पर क्लिक किया तो उन्हें एक मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिए निर्देशित किया गया। इसके बाद एक फॉर्म भरने के लिए कहा गया, जिसमें बैंक खाते और आईएफएससी कोड विवरण बताना था।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित ने निर्देशों का पालन किया और अपना खाता सक्रिय करने के लिए 1,500 रुपये का भुगतान किया। उसे अपने निवेश पर 3 प्रतिशत प्रतिदिन रिटर्न देने का वादा किया गया था। शुरू में, उसे रिटर्न मिला और उसने अपने निवेश पर मुनाफा कमाया। योजना पर भरोसा करते हुए वकील ने धोखेबाजों के कहने पर अधिक पैसा निवेश किया, जिससे उनकी कमाई दोगुनी हो गई। कुल मिलाकर, उन्होंने 25 जनवरी से 4 अप्रैल के बीच विभिन्न बैंक खातों, यूपीआई आईडी और डिजिटल वॉलेट में 5 लाख 93 हजार 240 रुपये जमा किए।
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पुलिस ने खाता किया फ्रीज
बाद में वकील को रिटर्न मिलना बंद हो गया। निवेश की गई राशि भी वापस नहीं मिली। पुलिस ने बताया कि आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान पता चला कि शिकायतकर्ता को फर्जी लिंक के जरिए धोखा दिया गया था। पुलिस ने जिस बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए थे, उसमें मौजूद 1.5 लाख रुपये फ्रीज कर दिए हैं। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने की अपील की है।
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वकील ने कहा कि इस साल जनवरी में उन्हें यूट्यूब पर एक वीडियो मिला, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप के होटल में निवेश का अवसर दिया गया था। उन्होंने जब लिंक पर क्लिक किया तो उन्हें एक मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिए निर्देशित किया गया। इसके बाद एक फॉर्म भरने के लिए कहा गया, जिसमें बैंक खाते और आईएफएससी कोड विवरण बताना था।
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पुलिस के अनुसार, पीड़ित ने निर्देशों का पालन किया और अपना खाता सक्रिय करने के लिए 1,500 रुपये का भुगतान किया। उसे अपने निवेश पर 3 प्रतिशत प्रतिदिन रिटर्न देने का वादा किया गया था। शुरू में, उसे रिटर्न मिला और उसने अपने निवेश पर मुनाफा कमाया। योजना पर भरोसा करते हुए वकील ने धोखेबाजों के कहने पर अधिक पैसा निवेश किया, जिससे उनकी कमाई दोगुनी हो गई। कुल मिलाकर, उन्होंने 25 जनवरी से 4 अप्रैल के बीच विभिन्न बैंक खातों, यूपीआई आईडी और डिजिटल वॉलेट में 5 लाख 93 हजार 240 रुपये जमा किए।
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पुलिस ने खाता किया फ्रीज
बाद में वकील को रिटर्न मिलना बंद हो गया। निवेश की गई राशि भी वापस नहीं मिली। पुलिस ने बताया कि आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान पता चला कि शिकायतकर्ता को फर्जी लिंक के जरिए धोखा दिया गया था। पुलिस ने जिस बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए थे, उसमें मौजूद 1.5 लाख रुपये फ्रीज कर दिए हैं। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने की अपील की है।