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Karnataka: एमयूडीए मामले में भाजपा की सीबीआई जांच की मांग खारिज, CM ने कहा- यह ऐसा मामला नहीं, जिसे....
Thu, 04 Jul 2024 02:52 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Thu, 04 Jul 2024 02:52 PM IST
सार
भाजपा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती को मैसूर के एक पॉश इलाके में वैकल्पिक जमीन आवंटित की गई थी। इस जमीन का मूल्य उनकी भूमि के स्थान की तुलना में अधिक था।
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सीएम सिद्धारमैया
- फोटो : सीएम सिद्धारमैया
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विस्तार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की भाजपा की मांग को गुरुवार को खारिज कर दिया। वहीं, विपक्षी पार्टी ने भूमि खोने वालों को धोखाधड़ी से जमीन आवंटित करने के खिलाफ अपना प्रदर्शन तेज कर दिया।
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विपक्ष ने सीएम से इस्तीफे की मांग की
भाजपा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती को मैसूर के एक पॉश इलाके में वैकल्पिक जमीन आवंटित की गई थी। इस जमीन का मूल्य उनकी भूमि के स्थान की तुलना में अधिक था, जिसे एमयूडीए द्वारा अधिग्रहित किया गया था। साथ ही विपक्ष ने सीएम से उनके इस्तीफे की मांग की।
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यह है आरोप
एमयूडीए ने पार्वती को तीन एकड़ से अधिक भूमि के बदले 50-50 अनुपात योजना के तहत जमीन आवंटित की थी, जिसे प्राधिकरण ने आवासीय लेआउट विकसित करने के लिए अधिग्रहित किया था। बता दें, विवादास्पद योजना के तहत लेआउट बनाने के लिए अधिग्रहित अविकसित भूमि के बदले में 50 प्रतिशत विकसित जमीन आवंटित करने की परिकल्पना की गई है।
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भाजपा का आरोप है कि एमयूडीए द्वारा जमीन गंवाने वालों को भूमि देने में चार हजार करोड़ रुपये की अनियमितताएं हुई हैं। विपक्ष के एक नेता ने दावा किया नियमों का उल्लंघन करते हुए 4,500-5,000 भूमि आवंटित की गई है।
एमयूडीए कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की
मुख्यमंत्री ने बुधवार को कहा कि जमीन गंवाने वालों को योजना के तहत एमयूडीए द्वारा आवंटित आवास स्थलों को कथित अनियमितताओं की जांच लंबित रहने तक रोक दिया गया है। भाजपा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के गृह जिले मैसूर में प्रदर्शन किया और वहां एमयूडीए कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और उन्हें एक बस में ले जाया गया।
सीएम का भाजपा पर वार
भाजपा के सीबीआई जांच की मांग किए जाने के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, 'क्या उन्होंने (भाजपा ने) अपने कार्यकाल के दौरान कोई मामला सीबीआई को दिया? मैंने सात मामले दिए हैं (मुख्यमंत्री के रूप में उनके पहले कार्यकाल सहित)। यह ऐसा मामला नहीं है जिसे सीबीआई को सौंपा जाए। हमने भी मांग की थी कि क्या उन्होंने जांच के लिए कोई मामला सीबीआई को दिया।'
शहरी विकास मंत्री बीएस सुरेशा ने चार सदस्यीय समिति द्वारा जांच का आदेश दिया है। सिद्धारमैया ने बुधवार को कहा था कि वह इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने पूछा था कि इस मामले में मेरी क्या भूमिका है?
कथित अनियमितताओं की हो रही जांच
गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि एमयूडीए द्वारा आवासीय स्थलों के आवंटन में कथित अनियमितताओं की जांच की जा रही है और मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्टीकरण दे चुके हैं। भाजपा द्वारा सीबीआई जांच की मांग पर उन्होंने कहा, 'अगर सब कुछ सीबीआई को दे दिया गया है तो यहां करने के लिए कुछ नहीं है। वे (भाजपा) हर चीज की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।'
आगामी विधानसभा सत्र में भाजपा द्वारा एमयूडीए अनियमितताओं के मुद्दे को उठाने की योजना के बारे में पूछे जाने पर परमेश्वर ने कहा, 'वे जो भी मुद्दे उठाएंगे, सरकार बिना किसी हिचकिचाहट के प्रभावी ढंग से उनका जवाब देगी। हम नहीं जानते कि वे किन मुद्दों को उठाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें उन मुद्दों पर अध्यक्ष को नोटिस देना होगा जो वे उठा रहे हैं। हम नहीं जानते कि उनकी प्राथमिकताएं क्या हैं।'