Karnataka: 'PM का बड़ा दिल कन्नड़ियों के प्रति कठोर क्यों’, राज्य में सूखे हालात को लेकर कर्नाटक CM का हमला
सिद्धारमैया ने कहा कि मई में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कन्नड़ लोगों को भाजपा नेताओं द्वारा दी गई धमकियों को याद करने का समय आ गया है, जिसका परिणाम अब हम देख रहे हैं। भाजपा सांसद और केंद्र सरकार के मंत्री सूखा राहत देने पर चुप क्यों हैं?
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कर्नाटक को सूखा राहत मुहैया कराने में कथित देरी को लेकर शुक्रवार को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया और पूछा कि क्या भाजपा सरकार राज्य से बदला ले रही है।
216 तालुक सूखे
उन्होंने कहा कि राज्य के कुल 236 तालुकों में से 216 सूखे से प्रभावित हैं और स्थिति का अध्ययन करने के लिए राज्य का दौरा करने वाली एक केंद्रीय टीम भी इस बारे में आश्वस्त है। फिर भी भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
एक पैसा भी नहीं किया जारी
सिद्धारमैया ने सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि राज्य में 216 तालुक गंभीर सूखे से प्रभावित हैं। अब तक, केंद्र द्वारा मुआवजे का एक पैसा भी जारी नहीं किया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कई सवाल दागे।
पीएम पर सवालों की बौछार
कर्नाटक सीएम ने पूछा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी! दुनिया और उनके दुखों के लिए धड़कने वाला आपका बड़ा दिल कन्नड़ लोगों के प्रति इतना कठोर क्यों है? 'क्या आपके नेतृत्व वाली भाजपा सरकार कर्नाटक से बदला ले रही है?’ उन्होंने आगे कहा कि यह सिर्फ मेरा सवाल नहीं है, बल्कि साढ़े छह करोड़ स्वाभिमानी कन्नड़ लोगों का सवाल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखा प्रभावित कर्नाटक 33,770 करोड़ रुपये के भारी नुकसान का सामना कर रहा है और 17,901 करोड़ रुपये की राहत की गुहार के बावजूद केंद्र चुप है।
भाजपा नेताओं की धमकियों को याद करने का समय
सिद्धारमैया ने कहा कि मई में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कन्नड़ लोगों को भाजपा नेताओं द्वारा दी गई धमकियों को याद करने का समय आ गया है, जिसका परिणाम अब हम देख रहे हैं। भाजपा सांसद और केंद्र सरकार के मंत्री कर्नाटक को सूखा राहत देने पर चुप क्यों हैं? क्या यह कन्नड़ लोगों के प्रति उनकी नफरत के कारण है?
गौरतलब है, इस साल मई में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 224 सदस्यीय विधानसभा में 134 सीटें जीतकर भाजपा को सत्ता से बेदखल कर दिया था। भाजपा को 66 और जेडीएस को 19 सीटें मिली हैं।