कर्नाटक: निरानी पहुंचे दिल्ली, येदियुरप्पा की विदाई लगभग तय, बोले- जो होगा पता चल जाएगा
मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा का जाना लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, येदियुरप्पा के उत्तराधिकारी का नाम करीब-करीब तय हो गया है।नए मुख्यमंत्री के नाम पर आज शाम या कल तक फैसला हो जाएगा।
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कर्नाटक में मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा का जाना लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, येदियुरप्पा के उत्तराधिकारी का नाम करीब-करीब तय हो गया है। हालांकि, अभी तक नाम का खुलासा नहीं किया गया है। नए मुख्यमंत्री के नाम पर कल तक फैसला हो जाएगा। राजनीतिक हलकों में कई लोगों के नाम की चर्चा है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और प्रदेश सरकार में खनन मंत्री एमआर निरानी का नाम आगे चल रहा है। इस बीच निरानी पार्टी हाईकमान से मुलाकात के लिए रविवार शाम दिल्ली पहुंच गए।
हालांकि निरानी के करीबी लोगों ने दावा किया है कि वह निजी यात्रा पर दिल्ली आए हैं। कर्नाटक के मंत्री मुरुगेश निरानी से यह पूछे जाने पर कि क्या वह कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में हैं, उन्होंने कहा कि मैं कुछ नहीं जानता और मैंने इसके बारे में किसी से नहीं पूछा। वरिष्ठ नेता निर्णय लेंगे। मैं यहां किसी निजी काम के लिए आया हूं।
येदियुरप्पा की तरह ही निरानी भी लिंगायत समुदाय के ही हैं। सूत्रों का कहना है कि वह सीएम पद की रेस में सबसे आगे हैं। इससे पूर्व बंगलूरू में मीडिया से बात करते हुए बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि नेतृत्व परिवर्तन पर आलाकमान को फैसला करना है। आज शाम तक तस्वीर साफ हो जाएगी। येदियुरप्पा ने कहा, 'मैं आलाकमान से सुझाव की उम्मीद कर रहा हूं। आपको भी पता चल जाएगा कि क्या होगा। दलित सीएम की नियुक्ति को लेकर आलाकमान निर्णय लेगा। मुझे इसकी चिंता नहीं है।'
I'm expecting suggestions from high command by evening, you'll (media) also come to know what it will be. High command will decide about it, I'm not concerned about it (on appointing Dalit CM): Karnataka CM BS Yediyurappa pic.twitter.com/dJ0xhQUPTo
— ANI (@ANI) July 25, 2021
सोमवार को होंगे मुख्यमंत्री के तौर पर दो साल पूरे
येदियुरप्पा के भविष्य को लेकर अनिश्चितता के बीच सोमवार को उन्हें ताजा कार्यकाल में सत्ता में दो साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर वे सुबह 11 बजे विधान सौध के बैंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में शरीक होंगे
सीएम पद की रेस में प्रह्लाद जोशी, निरानी का नाम
इस बीच येदियुरप्पा के उत्तराधिकारी के तौर पर केंद्रीय कोयला, खनन व संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी और प्रदेश सरकार में खनन मंत्री व उद्योगपति एमआर निरानी का नाम आगे चल रहा है। हालांकि जोशी ने कहा कि उनसे इस बारे में अभी तक शीर्ष नेतृत्व ने कोई बात नहीं की है जबकि निरानी का कहना है कि पार्टी जो भी आदेश देगी, वह उसका पालन करेंगे।
मुख्यमंत्री बनने से लेकर अब तक की राह आसान नहीं रही
कर्नाटक के सीएम येदियुरप्पा के लिए मुख्यमंत्री बनने से लेकर अब तक की राह आसान नहीं रही। हालांकि भाजपा की तरफ से कर्नाटक के अगले सीएम के लिए अभी आधिकारिक तौर पर कुछ भी पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन खुद मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने अब यह स्पष्ट कर दिया था कि राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में उनके दिन गिने-चुने हैं। कर्नाटक के सीएम येदियुरप्पा ने कहा कि जब से मैंने मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला, तब तक मुझे प्राकृतिक आपदाओं जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, जिनका सामना राज्य ने पहले कभी नहीं किया था और कोरोना महामारी, जिसने जीवन को तबाह कर दिया था। अब एक बार फिर बाढ़ जैसी आपदा कर्नाटक के सामने है।
भाजपा हाईकमान की तरफ से कोई आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है येदियुरप्पा का 26 जुलाई को मुख्यमंत्री के रूप में उनका आखिरी दिन हो सकता है। सीएम येदियुरप्पा ने कहा कि मुझे संतोष है कि इन सब चुनौतियों के बावजूद मैं लोगों के जीवन स्तर और उनकी वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए कदम उठा सका हूं। मैं चुनौती का सामना करने में लोगों के समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं।
कर्नाटक की राजनीति में येदियुरप्पा काफी बड़ा नाम हैं। येदियुरप्पा का लंबा राजनीतिक जीवन शिकारीपुरा में पुरसभा अध्यक्ष के रूप में शुरू हुआ। पहली बार 1983 में शिकारीपुरा से विधान सभा के लिए चुने गए और वहां से आठ बार जीते। कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में यह उनका चौथा कार्यकाल है। इस बीच उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे। सरकार गिराने में भी उनका नाम आया। यह कार्यकाल विवादों में घिर गया था क्योंकि कई भाजपा नेताओं ने येदियुरप्पा के खिलाफ खुले विद्रोह की घोषणा की थी।
मठों के प्रमुखों ने फिर की येदियुरप्पा को नहीं हटाने की मांग
इस बीच, कर्नाटक के विभिन्न मठों के प्रमुखों ने बंगलूरू के पैलेस ग्राउंड्स में सम्मेलन आयोजित कर सीएम पद से येदियुरप्पा को नहीं हटाने की मांग की। बालेहोसुर मठ के स्वामी दिंगलेश्वर ने कहा कि विवाद का हल येदियुरप्पा के नेतृत्व में ही निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि येदियुरप्पा को हटाया गया तो और समस्याएं पैदा होंगी।
Karnataka: Seers of different mutts hold a convention in Bengaluru's Palace Grounds
— ANI (@ANI) July 25, 2021
"Solutions should be found under the leadership of Yediyurappa ji. He should not be replaced. Karnataka will face more problems if he is removed, " says Dingaleshwara Swami of Balehosur Mutt pic.twitter.com/1IogfeKdAg