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Dharmasthala Case: सिद्धारमैया सरकार पर BJP हमलावर, कहा- समयबद्ध हो SIT जांच; 'धर्मस्थल चलो' रैली का भी एलान
Thu, 28 Aug 2025 03:58 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Thu, 28 Aug 2025 03:58 PM IST
सार
कर्नाटक में धर्मस्थल मामले पर भाजपा ने एसआईटी जांच को समयबद्ध करने की मांग की है। भाजपा अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार पर साजिशकर्ताओं और अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। भाजपा ने 1 सितंबर को धर्मस्थल चलो रैली का एलान किया है, जिसमें एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है।
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कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र
- फोटो : ANI
विस्तार
कर्नाटक में धर्मस्थल मामले ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि पिछले दो दशकों से धर्मस्थल में हुए कथित हत्याओं, दुष्कर्मों और शवों को दफनाने के आरोपों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को समयबद्ध दायरे में काम करना चाहिए। भाजपा का कहना है कि इस संवेदनशील मामले में लाखों श्रद्धालुओं की भावनाएं जुड़ी हुई हैं और लंबी खिंचने वाली जांच से लोगों में असंतोष फैल रहा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि सिद्धरामैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने इस पूरे मामले में साजिशकर्ताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश नहीं कर रही है, क्योंकि फिलहाल कोई विधानसभा, लोकसभा या उपचुनाव नहीं है। फिर भी, सरकार यह बताए कि अफवाह फैलाने वालों और झूठा प्रचार करने वालों के खिलाफ अब तक एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई।
धर्मस्थल मामले में सरकार चुप्पी पर उठे सवाल
भाजपा नेता ने कांग्रेस पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि हिंदू कार्यकर्ताओं के खिलाफ तो सरकार 24 घंटे में एफआईआर दर्ज कर लेती है, लेकिन धर्मस्थल मामले में चुप्पी साधी हुई है। भाजपा ने यह साफ किया है कि वह एसआईटी जांच के खिलाफ नहीं है। लेकिन पार्टी चाहती है कि जांच तय समयसीमा में पूरी की जाए।
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विजयेंद्र ने कहा कि महीनों तक जांच खींचने से करोड़ों भक्तों की भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठे प्रचार और अफवाहों के बावजूद सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। भाजपा का कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते एफआईआर दर्ज कर कदम उठाए होते, तो मामला इतना बड़ा विवाद न बनता।
ये भी पढ़ें- 'मराठा आरक्षण पर जरांगे से सीधी बात करें और अपनी बात पर कायम रहें', संजय राउत का सरकार पर तंज
भाजपा का आंदोलन और जनता का समर्थन
भाजपा नेता ने कहा कि राज्य सरकार और कांग्रेस से जनता को अब कोई उम्मीद नहीं है। इसी कारण भाजपा ने धर्म जागृति सम्मेलन और धर्मस्थल चलो रैली का एलान किया है, जो 1 सितंबर को होगी। इस कार्यक्रम में एक लाख से अधिक लोग जुटने की संभावना है।
विजयेंद्र ने कहा कि इस रैली में पार्टी के वरिष्ठ नेता, साधारण कार्यकर्ता और राज्य के विभिन्न हिस्सों से लोग, जाति या दल की परवाह किए बिना शामिल होंगे। उनका दावा है कि यह आंदोलन केवल राजनीति नहीं बल्कि करोड़ों भक्तों की आस्था का प्रश्न है।
ये भी पढ़ें- 'जब तक मैं जिंदा हूं, किसी को लोगों का मताधिकार नहीं छीनने दूंगी'; आर-पार के मूड में CM ममता बनर्जी
मामले में एसआईटी की कार्रवाई कहां तक पहुंची
दरअसल, मामला तब सुर्खियों में आया जब शिकायतकर्ता सी. एन. चिन्नैया ने दावा किया कि धर्मस्थल क्षेत्र में पिछले 20 वर्षों में कई शव दफनाए गए, जिनमें यौन शोषण की शिकार महिलाओं के शव भी शामिल थे। हालांकि, बाद में चिन्नैया को झूठे बयान देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।
इसके बावजूद एसआईटी ने जांच जारी रखी और धर्मस्थल के पास नेत्रावती नदी किनारे कई स्थानों पर खुदाई की, जहां दो जगहों से अस्थि अवशेष मिले। इस विवाद ने न केवल सरकार बल्कि धर्मस्थल मंदिर प्रशासन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा है कि जांच गंभीरता से चल रही है और जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है। अब भाजपा इस पर जोर दे रही है कि जांच समयबद्ध हो ताकि सत्य सामने आ सके।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि सिद्धरामैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने इस पूरे मामले में साजिशकर्ताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश नहीं कर रही है, क्योंकि फिलहाल कोई विधानसभा, लोकसभा या उपचुनाव नहीं है। फिर भी, सरकार यह बताए कि अफवाह फैलाने वालों और झूठा प्रचार करने वालों के खिलाफ अब तक एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई।
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धर्मस्थल मामले में सरकार चुप्पी पर उठे सवाल
भाजपा नेता ने कांग्रेस पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि हिंदू कार्यकर्ताओं के खिलाफ तो सरकार 24 घंटे में एफआईआर दर्ज कर लेती है, लेकिन धर्मस्थल मामले में चुप्पी साधी हुई है। भाजपा ने यह साफ किया है कि वह एसआईटी जांच के खिलाफ नहीं है। लेकिन पार्टी चाहती है कि जांच तय समयसीमा में पूरी की जाए।
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विजयेंद्र ने कहा कि महीनों तक जांच खींचने से करोड़ों भक्तों की भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठे प्रचार और अफवाहों के बावजूद सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। भाजपा का कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते एफआईआर दर्ज कर कदम उठाए होते, तो मामला इतना बड़ा विवाद न बनता।
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भाजपा का आंदोलन और जनता का समर्थन
भाजपा नेता ने कहा कि राज्य सरकार और कांग्रेस से जनता को अब कोई उम्मीद नहीं है। इसी कारण भाजपा ने धर्म जागृति सम्मेलन और धर्मस्थल चलो रैली का एलान किया है, जो 1 सितंबर को होगी। इस कार्यक्रम में एक लाख से अधिक लोग जुटने की संभावना है।
विजयेंद्र ने कहा कि इस रैली में पार्टी के वरिष्ठ नेता, साधारण कार्यकर्ता और राज्य के विभिन्न हिस्सों से लोग, जाति या दल की परवाह किए बिना शामिल होंगे। उनका दावा है कि यह आंदोलन केवल राजनीति नहीं बल्कि करोड़ों भक्तों की आस्था का प्रश्न है।
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मामले में एसआईटी की कार्रवाई कहां तक पहुंची
दरअसल, मामला तब सुर्खियों में आया जब शिकायतकर्ता सी. एन. चिन्नैया ने दावा किया कि धर्मस्थल क्षेत्र में पिछले 20 वर्षों में कई शव दफनाए गए, जिनमें यौन शोषण की शिकार महिलाओं के शव भी शामिल थे। हालांकि, बाद में चिन्नैया को झूठे बयान देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।
इसके बावजूद एसआईटी ने जांच जारी रखी और धर्मस्थल के पास नेत्रावती नदी किनारे कई स्थानों पर खुदाई की, जहां दो जगहों से अस्थि अवशेष मिले। इस विवाद ने न केवल सरकार बल्कि धर्मस्थल मंदिर प्रशासन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा है कि जांच गंभीरता से चल रही है और जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है। अब भाजपा इस पर जोर दे रही है कि जांच समयबद्ध हो ताकि सत्य सामने आ सके।
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