{"_id":"591651074f1c1b1522852096","slug":"karnan-did-not-get-relief-from-sc","type":"story","status":"publish","title_hn":"जस्टिस करनन को दी गई 6 महीने की सजा, सोच-समझकर लिया गया फैसला: SC","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
जस्टिस करनन को दी गई 6 महीने की सजा, सोच-समझकर लिया गया फैसला: SC
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 13 May 2017 05:49 AM IST
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जस्टिस सीएस कर्णन
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट केजज सीएस करनन को अवमानना का दोषी ठहराते हुए छह महीने कैद की सजा देने का निर्णय सोच-समझकर लिय गया था।
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चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने यह टिप्पणी तब कि जब जस्टिस करनन की तरफ से वकील मैथ्यू जे नंदूपारा ने ‘ट्रिपल तलाक’ पर सुनवाई कर रही पांच सदस्यीय संविधान पीठ के समझ नौ मई केआदेश को वापस लेने की गुहार संबंधी याचिका का उल्लेख किया।
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चीफ जस्टिस ने वकील से कहा कि यह पीठ दूसरे मामले पर सुनवाई कर रही है। ऐसे में आपको इस पीठ केसमक्ष उल्लेख नहीं करना चाहिए। आप अपनी परेशानी रजिस्ट्री को बताइए। जवाब में वकील नंदूपारा ने कहा कि मैं चीफ जस्टिस को संबोधित कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री याचिका को स्वीकार नहीं कर रहा है।
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उन्होंने सजा को निलंबित करने की गुहार की। साथ ही यह भी कहा कि जस्टिस करनन को कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है। हालांकि जल्द सुनवाई पर बिना किसी तरह की प्रतिक्रिया दिए चीफ जस्टिस ने वकील से कहा कि आप सुबह, दोपहर, शाम यहां आ जाते हैं। आप अपनी याचिका लेकर रजिस्ट्री के पास जाएं। हमने रजिस्ट्री को निर्देश दे दिया है।