कारगिल विजय दिवस: जब अटल ने नवाज से फोन पर कहा- इनसे बात कीजिये
-
- 1
-
Link Copied
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आज भारतीय सेना और देश पर गर्व करने का दिन है। 18 साल पहले आज के दिन 26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने कारगिल में तिरंगा लहराया था। तब से हर साल इस दिन को कारगिल विजय दिवस के तौर पर मनाया जाता है।
साल 1999 में भारत की जीत सुनिश्चित करने के लिए ऑपरेशन विजय के नाम से मिशन चलाया गया था। इस मिशन में सेना के 530 जवान शहीद और करीब 1363 जवान घायल हो गए थे। उस समय केंद्र में अटल बिहारी बाजपेई की सरकार थी। यह युद्ध 2 महीने तक चला था।
LoC में घुसे बिना भारतीय सैनिकों ने दुश्मनों को मार भगाया था। इस लड़ाई में पाकिस्तान के करीब 3 हजार जवान मारे गए थे। लेकिन आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान यही मानता है कि उसके करीब 357 जवान मारे गए। भारतीय वायु सेना के हमलों ने पाकिस्तानी सैनिकों के हौसले पस्त कर दिये थे।
जब अटल ने नवाज से फोन पर कहा- इन साहब से बात कीजिये
वायुसेना के लड़ाकू विमान मिराज,मिग 21 और 27 ने दुश्मनों को बैक फुट पर ला दिया था। युद्ध के दौरान एक दिलचस्प वाकया भी हुआ था। भारत के तत्कालीन पीएम अटल बिहारी बाजपेई ने पाक पीएम नवाज शरीफ को फोन किया था और उनकी बात भारत के अभिनेता दिलीप कुमार से करवाई थी।
इसका जिक्र पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री ने अपनी किताब में किया था। नाइदर अ हॉक नॉर अ डव नाम की किताब में इस बात का जिक्र खुर्शीद कसूरी ने किया है। दरअसल पीएम अटल बिहारी बाजपेई ने नवाज को फोन करके कहा था कि हम आपके लाहौर दोस्ती का पैगाम लेकर गए थे, लेकिन आपने बदले में हमें कारगिल युद्ध दिया।
यह सुनकर नवाज निशब्द हो गए थे। जिसके बाद पीएम बाजपेई ने फोन पर कहा, आप जरा रूकिये, एक साहब से आपकी बात करानी है। जिसके बाद दिलीप कुमार ने नवाज से फोन पर बात की और कहा था कि मियां नवाज आप शांति के पैरोकार थे, हम आपसे ऐसी उम्मीद नहीं रखते, आप इस माहौल को सुधारिये।