केएम जोसेफ: कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल नाखुश, बोले- सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में आज काला दिन
उन्होंने कहा कि सरकार ने संदेश दिया है कि यदि कोई न्यायाधीश आपके पक्ष में कोई निर्णय नहीं लेता है तो उसका इलाज भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के इतिहास में इस दिन को काले दिन के रूप में देखा जाएगा। सिब्बल ने कहा कि यह सरकार का अहंकार है।
जस्टिस जोसेफ की वरिष्ठता को घटाने के केंद्र सरकार के फैसले से उच्चतम न्यायालय के कोलेजियम के कुछ सदस्यों के साथ सुप्रीम कोर्ट के कई जज नाखुश हैं। वहीं न्यायमूर्ति एम जोसफ मंगलवार को तय कार्यक्रम के मुताबिक उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के तौर पर शपथ लेंगे। इस बात को लेकर जहां कि केंद्र ने पदोन्नति में उनकी वरिष्ठता को कम किए जाने को लेकर रोष देखा जा रहा है।
Justice K M Joseph 's downgrade in his elevation to the Supreme Court today will be marked as a black day in the history of the Court .
Smacks of arrogance of Government and capitulation by Court .
The Judiciary needs to do some soul searching . — Kapil Sibal (@KapilSibal) August 7, 2018
जस्टिस केएम जोसेफ की सुप्रीम कोर्ट में वरीयता घटाने पर पैदा हुए विवाद पर सरकार ने कहा है कि हाईकोर्ट के जजों की वरीयता के सिद्धांत के आधार पर यह फैसला लिया गया है। लिहाजा, जस्टिस जोसेफ, इंदिरा बनर्जी और विनीत सरन का शपथ ग्रहण तय कार्यक्रम व केंद्र की अधिसूचना में दिए वरीयता क्रम के मुताबिक मंगलवार को ही होगा।
इससे पहले सोमवार को कॉलेजियम के सदस्य जस्टिस एमबी लोकुर, एके सीकरी और कुरियन जोसेफ समेत कई जजों की ओर से सीजेआई दीपक मिश्रा के समक्ष वरिष्ठता क्रम को लेकर चिंता जताई गई। जस्टिस रंजन गोगोई को छोड़कर कॉलेजियम के बाकी सदस्यों ने चाय के दौरान सीजेआई से जस्टिस जोसेफ की वरीयता घटाने के केंद्र के फैसले का विरोध किया। सीजेआई ने उन्हें भरोसा भी दिलाया कि वह मामले को उठाएंगे।
सूत्रों की मानें तो शपथ ग्रहण कार्यक्रम में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे में ज्यादा कुछ नहीं किया जा सकता। लोकसभा में सोमवार को शून्यकाल के दौरान कांग्रेस सांसद के. वेणुगोपाल ने जस्टिस जोसेफ का नाम लिए बिना सरकार को घेरते हुए कहा कि केंद्र न्यायपालिका में हर नियुक्ति मनमर्जी से करना चाहता है।