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पनीरसेल्वम के पक्ष में आए कमल हासन, कहा- मान जाओ नहीं तो बंदूक लेकर राजनीति में आना पड़ेगा

Sat, 11 Feb 2017 02:59 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 11 Feb 2017 02:59 PM IST
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Kamal was in favor of Panneerselvam

तमिलनाडु की राजनीति में मचे घमासान के बीच कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम के पक्ष में आने वालों की तादाद बढ़ती जा रही है। अब उनके पक्ष में आ गए हैं साउथ के सुपरस्टार और दिग्गज अभिनेता कमल हासन।

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अभिनेता ने एक इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में तल्‍ख लहजे में कहा कि उन्हें भड़काया न जाए वर्ना वो और उनके समर्थक बंदूक लेकर राजनीति में आ जाएंगे। दूसरी ओर एआईएडीएमके के दो और सांसद भी खुलकर पनीरसेल्वम के पक्ष में आ गए हैं।
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बता दें कि दिग्‍गज अभिनेता कमल हासन लगातार इस मुद्दे पर मुखर रुख अपनाए हुए हैं। ओ पनीरसेल्वम की तरफदारी करते हुए उन्होंने कहा कि वो नाकाबिल नहीं हैं उन्हें भी एक मौका मिलना चाहिए, अगर वो उम्‍मीदों पर खरा नहीं उतरते हैं तो उन्हें हटाया जा सकता है।
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उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि शशिकला को भी अपनी मंशा तमिलनाडु की जनता पर नहीं थोपनी चाहिए। इंडिया टुडे से इंटरव्यू के दौरान इस सवाल पर की क्या आप भी अन्‍य फिल्मी सितारों की तरह राजनीति में आने की चाहत रखते हैं पर उनका कहना था कि मैं इस बारे में नहीं सोचता, लेकिन मैं बहुत गुस्से में हूं। और अगर हम राजनीति में आए तो बंदूक लेकर ही आएंगे। हम ये नहीं चाहते ये एक शांतिप्रिय देश है और यहां शांति और अहिंसा को हमेशा जिंदा रहना चाहिए।

पनीरसेल्वम के पक्ष में पार्टी के दो सांसद

Kamal was in favor of Panneerselvam

दूसरी ओर कमल हासन के बाद अब पार्टी से भी पनीरसेल्वम के पक्ष में आवाजें उठने लगी हैं। पार्टी सांसद पीआर सुंदरम और अशोक कुमार ने पनीरसेल्वम का सपोर्ट करते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि उनके साथ गलत किया जा रहा है। दोनों सांसदों ने कहा कि अभी कई और सांसद और नेता भी उनके पक्ष में आ सकते हैं।

वहीं चेन्नई से खबर सामने आ रही है कि एआईएडीएमके विधायकों को जिस रिजार्ट में रखा गया है कि उसकी सुरक्षा कर रहे पार्टी समर्थकों ने वहां पहुंचे मीडिया कर्मियों पर पथराव किया। वहीं शशिकला नटराजन के खिलाफ कोर्ट में जल्द होने वाली सुनवाई पर ओ पनीरसेल्वम ने कहा कि देखते रहिए आगे क्या होता है। 

इसके अलावा एक अन्य घटनाक्रम में सत्तारूढ़ पार्टी में मचे घमासान से चिंतित विपक्षी डीएमके ने पार्टी नेता स्टालिन के नेतृत्व में राज्यपाल से मिलकर विधायकों की संभावित खरीद फरोख्त पर रोक लगाने की मांग की है। पार्टी को अंदेशा है कि एआईएडीएमके में मचे घमासान के बीच उनकी पार्टी के विधायकों को भी तोड़ा जा सकता है इसलिए पार्टी ने अभी से इसके बचाव की तैयरी शुरू कर दी है।

शशिकला-पनीरसेल्वम की लड़ाई के बीच, तमिलनाडु पर कांग्रेस की नजर

Kamal was in favor of Panneerselvam
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तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक प्रमुख वीके शशिकला के खिलाफ मुख्यमंत्री ओ.पनीरसेल्वम की बगावत से उत्पन्न राजनीतिक उथलपुथल पर कांग्रेस अपनी नजर बनाए हुए है। इस संबंध में तमिलनाडू के प्रदेश अध्यक्ष एस. तिरुनावुक्करासर और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने शुक्रवार को पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलकर राज्य के राजनीतिक हालात पर चर्चा की। 

तमिलनाडु पर फिलहाल कांग्रेस कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। पूर्व केंद्रीय मंत्री एम.वीरप्पा मोइली ने पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि ये अन्नाद्रमुक पार्टी का आंतरिक मामला है। राज्यपाल सी.विद्यासागर राव को संवैधानिक परंपराओं के मुताबिक फैसला करना चाहिए। दरअसल राज्य की राजनीति में द्रमुक कांग्रेस के करीबी है। इसलिए कांग्रेस भी सीधे तौर पर इस मामले में नहीं पड़ना चाहती है। 

सूत्रों की मानें तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तिरुनावुक्कारासर को शशिकला के खेमे के कुछ नेताओं का करीबी बताया जाता है। चूंकि कांग्रेस वहां भविष्य की राजनीति में अपनी भूमिका तलाश रही है इसलिए फिलहाल इस मामले से दूरी बनाए है। बताते हैं राहुल गांधी ने भी राज्य के नेताओं से राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनाए रखने के साथ किसी बयानबाजी से बचने को कहा है।

शशिकला को झटका, अब दिल्ली में सुलझेगी तमिलनाडु की गुत्थी

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तमिलनाडु में सत्ता के लिए अन्नाद्रमुक महासचिव वीके शशिकला और कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम के बीच जारी सियासी जंग में गेंद अब राज्यपाल सी विद्यासागर राव के हाथ में हैं। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि राज्यपाल ने केंद्र को राजनीतिक हालात की रिपोर्ट भेज दी है और राज्यपाल शशिकला के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने का इंतजार कर रहे हैं

हालांकि देर रात राजभवन की ओर से इस बात का खंडन किया गया कि केंद्र को मामले में कोई रिपोर्ट भेजी गई है। राजभवन ने बयान जारी कर कहा कि राज्यपाल ने अभी गृह मंत्रालय को या राष्ट्रपति को कोई रिपोर्ट नहीं भेजी है। माना जा रहा है कि केंद्र से सुझाव मिलने के बाद ही राज्यपाल इस मामले में अगला कदम उठाएंगे और तमिलनाडु की उलझी राजनीतिक गुत्थी अब दिल्ली से ही सुलझेगी। 

अब देखना यह है कि सरकार बनाने के लिए राज्यपाल सबसे पहले किसे आमंत्रित करते हैं। कुछ राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पनीरसेल्वम इस्तीफा देने के बावजूद राज्य के कार्यवाहक मुख्यमंत्री हैं इसलिए उन्हें सरकार बनाने और बहुमत साबित करने का मौका पहले मिल सकता है।

इस बीच,राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा करने के एक दिन बाद शुक्रवार को शशिकला ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राज्यपाल संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और उन्हें सरकार बनाने का मौका देंगे।
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