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डॉक्यूमेंट्री देख भावुक हुए कल्पना चावला के पिता, कहा-नई पीढ़ी को प्रेरणा देगी बेटी

Fri, 25 Oct 2019 07:26 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Fri, 25 Oct 2019 07:26 AM IST
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Kalpana Chawla used to say, someday she would be kidnapped in outer space says her Father
कल्पना चावला (फाइल फोटो)

अस्सी साल के बनारसी लाल चावला अपनी बेटी कल्पना चावला की याद में खोए हुए हैं। वह उस दिन को याद कर रहे हैं जब उन्होंने बेटी की अस्थियों को अमेरिका के सिय्योन नेशनल पार्क की पहाड़ियों में बिखेरा था।

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तभी एकाएक, उन्हें एक अमेरिकी महिला दिखी, जो कल्पना चावला की मौत से दुखी होकर रो रही थी। बता दें कि भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला के अंतरिक्ष यान में अंतरिक्ष से पृथ्वी पर लौटते समय कोलंबिया में विस्फोट हो गया था। 
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कल्पना के पिता बनारसी लाल चावला ने बताया कि जब कल्पना को नासा के लिए चुना गया था तो उसने कहा था कि वह एक दिन बाहरी अंतरिक्ष में अगवा कर ली जाएगी। 

उन्होंने कहा कि कल्पना के लिए करनाल से लेकर कैलिफॉर्निया तक लोगों में प्यार था और उसकी मृत्यु के बाद मुझे उसके जीवन के कई पहलुओं के बारे में पता चला। जिन्होंने लोगों को प्रेरित किया। कल्पना सिर्फ मेरी बेटी नहीं थी, वह भारत और अमेरिका की भी बेटी थी।
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दरअसल, यह सभी बातें कल्पना चावला और उनके माता-पिता के साक्षात्कारों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री का हिस्सा हैं। नेट जियो के अधिकारियों के मुताबिक 45 मिनट की यह डॉक्यूमेंट्री हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में बनाई गई है।

नेशनल जियोग्राफिक ने इसे अपने कार्यक्रम 'मेगा आइकन' टीवी सीरीज के लिए बनाया है। अधिकारियों ने बताया कि इस डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग गुरुवार को मुंबई में एक समारोह में की गई।

बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करेगी डॉक्यूमेंट्री

बनारसी चावला ने कहा कि मैं चाहता हूं कि पूरी दुनिया कल्पना के किए गए कार्यों से लाभान्वित हो। कल्पना ने अपनी पूरी जिंदगी में करनाल स्थित टैगोर बाल निकेतन विद्यालय से लेकर कॉलेज और विश्वद्यालय तक जहां कहीं भी भाषण दिए, उनसे लोगों को प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि यह डॉक्यूमेंट्री भी आने वाली पीढ़ियों को बड़ा सपना देखने के लिए प्रेरित करेगी।

बता दें कि चावला अंतरिक्ष में उड़ान भरने वाली भारतीय मूल की पहली महिला थीं। इस डॉक्यूमेंट्री में कल्पना का वह साक्षात्कार भी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके निधन के बाद उनकी राख या तो हिमालय या फिर उटाह के सिय्योन नेशनल पार्क में बिखेर दी जाए।

कल्पना का जन्म साल 1962 में करनाल में हुआ था। वह साल 2003 में दुर्घटनाग्रस्त हुए अंतरिक्ष यान के चालक दल के सात सदस्यों में से एक थीं। उनका अंतरिक्ष कोलंबिया के आसमान में पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
 

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