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सुप्रीम कोर्ट: काल एयरवेज और मारन ने अस्वीकार किए स्पाइसजेट के दोनों प्रस्ताव, पढ़िए क्या है पूरा मामला
Mon, 14 Feb 2022 05:52 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Mon, 14 Feb 2022 05:52 PM IST
सार
यह मामला शेयरों के हस्तांतरण से जुड़ा हुआ है। इस विवाद में 2018 के मध्यस्थता फैसले के अनुसार स्पाइसजेट को 579 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया गया था। स्पाइसजेट और उसके प्रवर्तक अजय सिंह को इस राशि पर ब्याज के रूप में 243 करोड़ रुपये जमा करने का भी आदेश दिया गया था।
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सर्वोच्च न्यायालय
- फोटो : PTI
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विस्तार
काल एयरवेज और मीडिया व्यवसायी कलानिधि मारन सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के सामने शेयर हस्तातंरण मामले में ब्याज भुगतान को लेकर स्पाइसजेट के साथ जारी विवाद के समाधान के लिए पेश किए गए दोनों प्रस्तावों पर असहमति व्यक्त की। एक मध्यस्थता न्यायाधिकरण के निर्णय के अनुसार स्पाइसजेट को काल एयरवेज और मारन को लगभग 920 करोड़ रुपये लौटाने थे। इसमें 243 करोड़ रुपये की ब्याज राशि के भुगतान को लेकर विवाद चल रहा है।
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मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण और न्यायाधीश एएस बोपन्ना व हिमा कोहली की पीठ ने सोमवार को सुनवाई की शुरुआत में काल एयरवेज और मारन से पूछा कि क्या वह स्पाइसजेट की ओर से दिए गए प्रस्तावों पर सहमत हो सकते हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने पीठ से कहा कि दोनों ने स्पाइसजेट की ओर से दिए गए दोनों प्रस्तावों पर गौर किया है, लेकिन उन्हें यह स्वीकार नहीं हैं। सहमति न बन पाने पर अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख दो मार्च तय कर दी।
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स्पाइसजेट ने की थी इन दो प्रस्तावों की पेशकश
स्पाइसजेट ने अपने पहले प्रस्ताव में कहा था कि वह इस मामले के निपटाने के लिए 300 करोड़ रुपये का पूरा व अंतिम भुगतान करेगी। वहीं, दूसरे प्रस्ताव में उसने पेशकश की थी दिल्ली हाईकोर्ट के पास बैंक गारंटी के रूप में जमा कराए गए 270 करोड़ रुपयों में से वह 100 करोड़ रुपये का भुगतान अभी करेगी और सुप्रीम कोर्ट की ओर से हाईकोर्ट को मध्यस्थता अधिकरण के फैसले के खिलाफ दायर अपील का तत्काल निपटारा करने का निर्देश दिया जाए।
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