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जस्टिस चेलमेश्वर ने सुनवाई से किया इनकार, कहा- 24 घंटे में आदेश पलटते हुए नहीं देखना चाहता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 12 Apr 2018 02:18 PM IST
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केसों के बंटवारे और बेंच तय करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका पर जस्टिस चेलमेश्वर ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। इस याचिका को पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण की तरफ से प्रशांत भूषण ने दायर किया था। हालांकि जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि वो नहीं चाहते कि उनके आदेश को 24 घंटे में पलट दिया जाए। क्योंकि उनके रिटायरमेंट को कुछ ही दिन बचे हैं। उन्होंने कहा कि अगर देश ही नहीं चाहता तो वह क्या कर सकते हैं।
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जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि लोग उनके बारे में कह रहे हैं कि वह किसी खास पद के लिए यह सब कर रहे हैं। लेकिन अगर किसी और को चिंता नहीं है तो मैं भी चिंता नहीं करूंगा। देश के इतिहास को ध्यान में रखते हुए मैं भी इस मामले की सुनवाई नहीं करूंगा।
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आपको बता दें कि 17 जनवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा था कि हम चीफ जस्टिस को नहीं समझा पाये। हम लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं। हम नहीं चाहते कि 20 साल बाद कोई कहे कि हमने अपनी आत्मा बेच दी थी। हालांकि जस्टिस चेलमेश्वर के इनकार के बाद प्रशांत भूषण याचिका को चीफ जस्टिस के पास लेकर पहुंचे। चीफ जस्टिस ने कहा कि वह खुद इस मामले को देखेंगे।
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आपको बता दें कि 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें जज जस्टिस जे चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र दांव पर है। ठीक नहीं किया तो सब खत्म हो जाएगा।
उन्होंने चीफ जस्टिस पर आरोप लगाया गया था कि चीफ जस्टिस अपनी पसंद की बेंचों में केस भेजते हैं। ऐसा पहली बार हुआ था कि जजों ने मीडिया के सामने सुप्रीम कोर्ट के सिस्टम पर सवाल उठाए थे।