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Jharkhand Bandh: पुलिस भर्ती के खिलाफ JSSU का 48 घंटे का बंद शुरू, जानिए क्या हैं छात्रों की मांगें

Sat, 10 Jun 2023 10:10 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: काव्या मिश्रा Updated Sat, 10 Jun 2023 10:10 AM IST
सार

झारखंड राज्य छात्र संघ (JSSU) राज्य सरकार की 60-40 फॉर्मूले पर आधारित नई भर्ती नीति का विरोध कर रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी छात्रों ने टि्वटर पर अभियान चलाया है। अब एक बार फिर छात्रों ने सड़क पर उतरकर विरोध करने की तैयारी कर ली है।

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JSSU launches 48-hour strike against new recruitment policy of Jharkhand government based on 60-40 formula
झारखंड बंद। - फोटो : एएनआई

विस्तार

झारखंड में एक बार फिर पुलिस की भर्ती के लिए बनाई गई नई नीति का विरोध जताया जा रहा है। राज्य छात्र संघ ने 48 घंटे के लिए झारखंड बंद का आह्वान किया। इसी को लेकर शनिवार सुबह राज्य में दुकानें बंद दिखीं, तो वहीं दूसरी ओर भारी पुलिस तैनात रही। 

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दरअसल, झारखंड राज्य छात्र संघ (JSSU) राज्य सरकार की 60-40 फॉर्मूले पर आधारित नई भर्ती नीति का विरोध कर रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी छात्रों ने टि्वटर पर अभियान चलाया है। अब एक बार फिर छात्रों ने सड़क पर उतरकर विरोध करने की तैयारी कर ली है। ऐसे में 10 और 11 को बंद का एलान किया। इसी को लेकर शनिवार को भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात दिखा। 

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छात्र संघ ने सांसद और विधायकों से नियोजन नीति को लेकर उनका क्या मत है यह पूछा। साथ ही कई जिलों में नियोजन नीति के विरोध में प्रचार अभियान भी तेज किया है। नेताओं से भी नियोजन नीति के विरोध में अपना समर्थन मांगा है। 

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गौरतलब है, नई नियोजन नीति अभी सिर्फ कैबिनेट में पास हुई है। यह अभी न तो विधानसभा से पास हुई है और ना ही गजट पत्र बना है।

क्या है छात्रों की मांग?

एक रिपोर्ट के अनुसार जो छात्रों ने मांग रखी है वो ये हैं- 

  • झारखंड में बिहार की तर्ज पर नियोजन नीति लागू हो।

  • बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000 की उपधारा 85 के तहत झारखंड सरकार को भी यह अधिकार है कि वह संयुक्त बिहार के समय का कोई भी अध्यादेश, गजट का संकल्प को अंगीकृत कर सकती है। इसी अधिकार के तहत बिहार की 3 मार्च 1982 वाली नियोजन नीति जिसका पत्रांक 5014/81-806 है, को अंगीकृत कर बिहार की तर्ज पर नियोजन नीति लागू करते हुए नियुक्तियां शुरू की जाएं।

  • नियुक्ति फॉर्म भरते समय स्थानीय प्रमाण पत्र क्रमांक संख्या अनिवार्य रूप से भरने का प्रावधान किया जाए।

  • जनसंख्या के अनुपात में सभी वर्गों को जिला स्तर में आरक्षण लागू किया जाए।

  • झारखंड का एक स्पेशल पेपर का प्रावधान किया जाए, जिसमें झारखंड के रीति रिवाज, भाषा संस्कृति, परंपरा की अनिवार्यता हो।

  • राज्य स्तर और जिला स्तर के सभी तकनीकी और गैर तकनीकी परीक्षा में क्षेत्रीय भाषा का पेपर अनिवार्य किया जाए।

  • मूल झारखंडी छात्रों को पांच वर्ष की उम्र सीमा में विशेष छुट दी जाए।

  • उत्तराखंड की तर्ज पर परीक्षा नकल विरोधी कानून लागू किया जाए।

ये संगठन विरोध में शामिल
एक तरफ सरकार इसके माध्यम से नियुक्ति की तैयारी में है तो दूसरी तरफ छात्रों के बीच 60-40 आधारित नीति को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। इस नियोजन नीति का यूथ एसोसिएशन के साथ-साथ कई छात्र संगठन भी विरोध कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इनमें झारखंड उलगुलान मार्च, पंचपरगना फाइटर, आदिवासी छात्र संघ, आमया और आदिवासी मूलवासी संगठन भी शामिल है। 

बता दें, 60 प्रतिशत सीटों पर नियुक्तियां झारखंड के आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों की होंगी। वहीं 40 प्रतिशत सीटें 'ओपन टू ऑल' है। 40 प्रतिशत सीटों पर किसी भी राज्य के युवा झारखंड में रोजगार पा सकते हैं। छात्र इसी का विरोध कर रहे हैं।

 

 

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