जॉनसन एंड जॉनसन: वापस लिया भारत में टीके की जल्द मंजूरी के लिए आवेदन, कारण स्पष्ट नहीं
देश में कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ चल रहे टीकाकरण अभियान को झटका लगा है। जॉनसन एंड जॉनसन ने अपनी वैक्सीन को भारत में जल्द मंजूरी के लिए आवेदन वापस ले लिया है।
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अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने अपने कोरोना रोधी टीके के लिए भारत में जल्दी मंजूरी पाने के लिए किया गया आवेदन वापस ले लिया है। कंपनी ने इस कदम के पीछे की वजह सार्वजनिक नहीं की है। भारतीय दवा नियामक डीसीजीआई ने सोमवार को यह जानकारी दी। जॉनसन एंड जॉनसन ने इस साल अप्रैल में अपने टीके के ट्रायल भारत में करने के लिए आवेदन किया था।
कंपनी की ओर से इस बारे को कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। भारत इस समय हानि से सुरक्षा के मुद्दों पर टीका निर्माताओं के साथ कानूनी चुनौतियों का सामना कर रहा है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने बीते दिनों कहा था कि एक टीका निर्माता ओं से बातचीत के लिए एक दल का गठन किया गया है। ये मुद्दे फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन के साथ हैं।
मॉडर्ना के टीके को जून में दी गई थी आपात इस्तेमाल के लिए अनुमति
उल्लेखनीय है कि भारत में अभी तक चार कोरोना वायरस रोधी टीकों को इस्तेमाल की अनुमति दी गई है। इनमें भारत बायोटेक की स्वदेशी वैक्सीन कोवाक्सिन, ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड, रूस की स्पूतनिक वी और मॉडर्ना की वैक्सीन शामिल हैं। बता दें कि अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना के टीके को डीसीजीआई ने जून में ही आपात इस्तेमाल के लिए अनुमति दी थी।
डेल्टा प्लस वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी है भारत बायोटेक की कोवाक्सिन
एक अध्ययन में सामने आया है कि भारत बायोटेक का कोरोना वायरस रोधी टीका कोवाक्सिन इस वायरस के डेल्टा प्लस वेरिएंट के खिलाफ असरदार है। यह अध्ययन आईसीएमआर की ओर से प्रकाशित की ओर से प्रकाशित किया गया है। यह वेरिएंट भी सबसे पहले अप्रैल में भारत व 20 अन्य देशों में सामने आया था। इस अध्ययन का पीअर रिव्यू किया जाना अभी बाकी है। बता दें कि कोवाक्सिन उन टीकों में से एक है जिनका उपयोग भारत में टीकाकरण के लिए किया जा रहा है।