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एम्स में मेडिसिन विभाग के पूर्व अध्यक्ष जेएन पांडेय का निधन, कोरोना से थे संक्रमित
Sat, 23 May 2020 03:48 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sat, 23 May 2020 03:48 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
दिल्ली एम्स के पूर्व विभागाध्यक्ष की कोरोना वायरस के चलते मौत हो गई। बीते शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित उनके निवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी पत्नी भी कोरोना संक्रमित हैं। 75 वर्षीय पत्नी को एम्स के न्यू प्राइवेट वार्ड में भर्ती किया है। वरिष्ठ डॉ. नवनीत की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है।
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मशहूर अभिनेता राज कपूर, पूर्व केंद्रीय मंत्री रंगराजन सहित कई बड़ी हस्तियों का उपचार करने वाले डॉ. जितेंद्र नाथ पांडेय दिल्ली एम्स के मेडिसिन विभाग के पूर्व अध्यक्ष थे। लगातार कई वर्षों तक डॉ. पांडेय भारत के राष्ट्रपति के चिकित्सक भी रहे।
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उनके निधन पर शनिवार को एम्स के डॉक्टरों ने श्रद्धांजलि दी। डॉ. विजय गुर्जर ने बताया कि बीती रात उनका निधन हो गया। वे कुछ ही दिन पहले कोरोना संक्रमित हुए थे। हालांकि डॉक्टरों के अनुसार उनमें संक्रमण का हल्का असर था। दिल्ली के सिद्धार्थ नगर एन्क्लेव स्थित घर में ही उन्होंने खुद को आइसोलेट किया हुआ था, लेकिन बीते शुक्रवार की रात उनका निधन हो गया।
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78 वर्षीय डॉ. पांडेय वर्तमान में सीताराम भरतिया अस्पताल में तैनात थे। अस्पताल की ओर से भी अपने मरीजों को यह जानकारी दी गई है कि डॉ. पांडेय का निधन होने की वजह से उनके मरीजों का उपचार अब डॉ. मयंक उप्पल और डॉ. कार्तिकेय कोहली की निगरानी में किया जाएगा।
चिकित्सीय क्षेत्र में करीब 57 वर्षों का अनुभव रखने वाले डॉ. पांडेय के छोटे भाई ज्ञानेंद्र पांडे का निधन इसी वर्ष जनवरी में हुआ था। एम्स से ही डॉ. पांडेय ने एमबीबीएस और एमडी की पढ़ाई करने के बाद चिकित्सीय सेवा शुरू की थी।
प्रदूषण को लेकर सबसे पहले किए थे अध्ययन
वायु प्रदूषण का मानव शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर डॉ. पांडेय ने ही सबसे पहले 90 के दशक में अध्ययन किया था। इसके अलावा गैस त्रासदी घटना में भी डॉ. पांडेय चिकित्सीय टीम में शामिल थे। अब तक 170 से ज्यादा चिकित्सीय शोध पत्र उनके नाम से प्रकाशित हो चुके हैं।
दिल्ली में स्वास्थ्य कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित मिलने की घटनाएं कई सामने आ चुकी हैं। करीब 30 से ज्यादा अस्पतालों में 500 से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। हालांकि इनमें से अब तक दो स्वास्थ्य कर्मचारियों की मौत हुई है। शुक्रवार को एम्स के मेस कर्मचारी ने कोरोना के चलते दम तोड़ दिया था। जबकि शुक्रवार रात ही डॉ. पांडेय ने अंतिम सांस ली।
दिल्ली में स्वास्थ्य कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित मिलने की घटनाएं कई सामने आ चुकी हैं। करीब 30 से ज्यादा अस्पतालों में 500 से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। हालांकि इनमें से अब तक दो स्वास्थ्य कर्मचारियों की मौत हुई है। शुक्रवार को एम्स के मेस कर्मचारी ने कोरोना के चलते दम तोड़ दिया था। जबकि शुक्रवार रात ही डॉ. पांडेय ने अंतिम सांस ली।