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बर्धमान ब्लास्ट केस में चार आतंकियों को सात साल की जेल, एनआईए की विशेष अदालत ने सुनाई सजा
Wed, 09 Sep 2020 05:23 PM IST
मुकेश कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Wed, 09 Sep 2020 05:23 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
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बर्धमान बम ब्लास्ट केस में एनआईए की विशेष अदालत ने बुधवार को बांग्लादेश के प्रतिबंधित जमात-उल-मुजाहिदीन (जेएमबी) आतंकवादी समूह के चार आतंकवादियों को सात साल कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा कोर्ट ने सभी पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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एनआईए के एक प्रवक्ता ने बताया कि जियाउल हक, मोतिउर रहमान, मोहम्मद यूसुफ और जहीरुल शेख को अदालत ने सात साल की जेल की सजा सुनाई है और 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। बता दें वर्धमान जिले के खगड़ागढ़ गांव में 2 अक्तूबर, 2014 को एक आईडी बनाते वक्त दुर्घटनावश हुए विस्फोट में दो लोग मारे गए थे।
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इस मामले में 31 लोगों को आरोपी के तौर पर नामजद किया गया था। इनमें से 24 ने वर्ष 2019 में दो अलग-अलग मौकों पर अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। वहीं, पिछले साल स्पेशल एनआईए अदालत ने चार बांग्लदेशी नागरिकों समेत 19 लोगों को 2014 वर्धमान ब्लास्ट केस में दोषी ठहराया था।
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वहीं मार्च, 2015 में एनआईए ने इस मामले में प्रारंभिक आरोप पत्र दायर किया था, जिसमें कहा गया था कि प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जमात-उल मुजाहिद्दीन-बांग्लादेश (जेएमबी) बांग्लादेश की मौजूदा सरकार को हिंसक आतंकवादी गतिविधियों के जरिए सत्ता से हटाने की साजिश रच रहा था।