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Jharkhand: रेलवे ट्रैक पार कर रही महिला की मौत मामले में हाईकोर्ट का फैसला, पति को मिलेगा आठ लाख का मुआवजा

Fri, 03 Nov 2023 11:49 PM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: यशोधन शर्मा Updated Fri, 03 Nov 2023 11:49 PM IST
सार

न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने रेलवे के खिलाफ महिला के पति सुरेश राम की अपील पर सुनवाई करते हुए पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया।

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Jharkhand HC grants Rs 8 lakh compensation to kin of deceased railway passenger
court Order

विस्तार

झारखंड उच्च न्यायालय ने 2017 में गढ़वा में फुट ओवर ब्रिज और उचित प्रकाश सुविधाओं के अभाव में रेल ट्रैक पार करने का प्रयास करते समय अपनी जान गंवाने वाली महिला के पति को 8 लाख रुपये का मुआवजा दिया है।

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न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने रेलवे के खिलाफ महिला के पति सुरेश राम की अपील पर सुनवाई करते हुए पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया क्योंकि स्टेशन पर उचित रोशनी और फुट ओवर ब्रिज नहीं था और मुआवजा देने का आदेश दिया।
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अधिकारियों के अनुसार, राम की पत्नी 30 मार्च, 2017 को सिंगरौली-पलामू पटना लिंक एक्सप्रेस से विंढमगंज से गढ़वा लौट रही थी। उन्होंने बताया कि रात में गढ़वा पहुंचने के बाद वह स्टेशन से बाहर निकलने के लिए पटरी पार कर रही थी, तभी ट्रेन की चपेट में आ गई।
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उन्होंने बताया कि जांच और पोस्टमार्टम के बाद पुष्टि हुई कि महिला की मौत रेल दुर्घटना के कारण हुई। बाद में, राम ने मुआवजे के लिए रांची में रेलवे दावा न्यायाधिकरण में एक आवेदन दायर किया। हालांकि, सितंबर 2019 में ट्रिब्यूनल ने इसे खारिज कर दिया, जिसके बाद उन्होंने झारखंड उच्च न्यायालय का रुख किया।

राम की वकील चैताली सी सिन्हा ने दलील दी कि मृतका रेलवे की एक यात्री थी और गढ़वा में ट्रैक पार कर अपने घर लौट रहा था। सिन्हा ने अदालत को बताया था कि चूंकि कोई फुट ओवर ब्रिज नहीं था, इसलिए यात्रियों को स्टेशन से बाहर निकलने के लिए पटरियों को पार करना पड़ता था, जिसके परिणामस्वरूप दुर्घटना हुई।


ट्रिब्यूनल के आदेश को रद्द करते हुए, श्रीवास्तव की अदालत ने रेलवे को दोषी ठहराया और राम को 2018 में आवेदन दाखिल करने की तारीख से उसके भुगतान तक छह प्रतिशत ब्याज के साथ छह सप्ताह के भीतर मुआवजा देने का आदेश दिया।

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