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West Bengal: ममता सरकार ने 24 घंटे बाद खोला झारखंड बॉर्डर, मालवाहक वाहनों को मिली बंगाल में प्रवेश की अनुमति

Sat, 21 Sep 2024 12:08 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: श्वेता महतो Updated Sat, 21 Sep 2024 12:08 PM IST
सार

भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि ममता बनर्जी को एक कदम आगे बढ़कर चार कदम पीछे जाने की आदत हो गई है। इसकी शुरुआत आरजी कर घटना से हुई। एक प्रशासक और टीएमसी सुप्रीमो के तौर पर उनके द्वारा उठाया गया हर कदम उल्टा पड़ गया है। 

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Jharkhand Bengal border reopened after twenty four hours closure news in hindi
ममता बनर्जी - फोटो : PTI

विस्तार

दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के बैरेज से पानी छोड़े जाने के कारण पश्चिम बंगाल में बाढ़ आ गई। हालात को देखते हुए बंगाल सरकार ने बंगाल-झारखंड सीमा पर बैरिकेडिंग कर मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर तीन दिनों के लिए रोक लगा दी है। हालांकि, अंतरराज्यीय व्यापार के लिए सीमा को एक बार फिर से खोल दिया गया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने गुरुवार को सीमा बंद कर दी थी। 
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अंतरराज्यीय सीमा खोल दी गई
झारखंड सरकार के एक अधिकारी ने कहा, "अंतरराज्यीय सीमा को खोल दी गई है और राष्ट्रीय राजमार्ग 2 और 6 पर फंसे ट्रकों को पश्चिम बंगाल के लिए रवाना कर दिया गया है।" ट्रक ऑपरेटरों ने बताया कि सीमा खोल दी गई है, लेकिन सीमा पर फंसे ट्रकों की कतार को हटाने में समय लगेगा। बंगाल सरकार के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एचएमओ इंडिया, एनएचएआईएमओआरटीएच और झारखंड के लोगों के दबाव के आगे झुक गईं। इन लोगों ने झारखंड से पश्चिम बंगाल जाने वाले वाहनों को रोकने के लिए आंदोलन शुरू कर दिया था।" 
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भाजपा नेता ने आगे कहा, "जिन वाहनों को पश्चिम बंगाल में प्रवेश करने से रोका गया था, उन्हें अब अंदर जाने की अनुमति दे दी गई है। मैंने इस मुद्दे को उजागर किया, जिसके बाद चीजें तेजी से होने लगीं। इस मामले में आगे आने और बाधा को दूर करने में अपनी भूमिका निभाने के लिए मैं लोगों का धन्यवाद करता हूं।" उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि ममता बनर्जी को एक कदम आगे बढ़कर चार कदम पीछे जाने की आदत हो गई है। इसकी शुरुआत आरजी कर घटना से हुई। एक प्रशासक और टीएमसी सुप्रीमो के तौर पर उनके द्वारा उठाया गया हर कदम उल्टा पड़ गया है। 
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ममता बनर्जी ने डीवीसी को ठहराया था जिम्मेदार
इससे पहले ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि उनके राज्य में बाढ़ की स्थिति डीवीसी द्वारा पानी छोड़े जाने के कारण है। इसके बाद ही राज्य सरकार ने सीमा पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी। बंगाल सरकार के इस फैसले पर झारखंड सरकार ने भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी के इस फैसले से उन्हें भारी नुकसान हो सकता है। अगर झारखंड ने सीमा बंद कर दिया तो पश्चिम बंगाल का पश्चिमी, उत्तरी और दक्षित्री क्षेत्रों से संबंध टूट जाएगा। मैंने मैं दीदी से संवेदनशीन रहने की अपील करता हूं, क्योंकि बंगाल में बाढ़ के लिए मालवाहक वाहन जिम्मेदार नहीं है।" डीवीसी ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि पानी छोड़ने का निर्णय पश्चिम बंगाल और झारखंड के जल संसाधन विभाग और डीवीसी की तकनीकी विशेषज्ञ समिति द्वारा सर्वसम्मति से लिया गया था।
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