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Jharkhand: विधानसभा ने HC को दी जानकारी, नमाज रूम पर रिपोर्ट देने के लिए सात विधायक पैनल का किया गठन
Fri, 19 May 2023 04:23 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Fri, 19 May 2023 04:23 AM IST
सार
अदालत विधानसभा में नमाज कक्ष के आवंटन पर अजय कुमार मोदी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। समिति अन्य राज्यों से एक समुदाय के सदस्यों को प्रार्थना करने के लिए कमरे के समान आवंटन के संबंध में जानकारी एकत्र कर रही है।
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झारखंड विधानसभा
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
झारखंड विधानसभा ने गुरुवार को उच्च न्यायालय को सूचित किया कि विधानसभा में नमाज कक्ष के आवंटन पर रिपोर्ट देने के लिए सात सदस्यीय विधायक समिति का गठन किया गया है। गठित कमिटी अदालत को 31 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट देगी।
अदालत विधानसभा में नमाज कक्ष के आवंटन पर अजय कुमार मोदी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। समिति अन्य राज्यों से एक समुदाय के सदस्यों को प्रार्थना करने के लिए कमरे के समान आवंटन के संबंध में जानकारी एकत्र कर रही है। अदालत अब 22 जून को इस मामले की दोबारा सुनवाई करेगी।
दूसरों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने का लगाया आरोप
इससे पहले प्रधान न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति आनंद सेन की खंडपीठ ने दो मई को जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले में हलफनामा मांगा था। जनहित याचिका में यह आरोप लगाया गया था कि एक समुदाय के सदस्यों को प्रार्थना के लिए एक कमरा आवंटित करना दूसरों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। धर्म के समान अधिकार का उल्लंघन किया गया है, यह आरोप लगाया गया था। कमरा टीडब्ल्यू 348 को सितंबर 2021 में नमाज अदा करने के लिए आवंटित किया गया था, जिसके कारण विपक्षी भाजपा ने विरोध किया, जिसने विधानसभा परिसर में एक हनुमान मंदिर की मांग की।
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अदालत विधानसभा में नमाज कक्ष के आवंटन पर अजय कुमार मोदी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। समिति अन्य राज्यों से एक समुदाय के सदस्यों को प्रार्थना करने के लिए कमरे के समान आवंटन के संबंध में जानकारी एकत्र कर रही है। अदालत अब 22 जून को इस मामले की दोबारा सुनवाई करेगी।
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दूसरों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने का लगाया आरोप
इससे पहले प्रधान न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति आनंद सेन की खंडपीठ ने दो मई को जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले में हलफनामा मांगा था। जनहित याचिका में यह आरोप लगाया गया था कि एक समुदाय के सदस्यों को प्रार्थना के लिए एक कमरा आवंटित करना दूसरों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। धर्म के समान अधिकार का उल्लंघन किया गया है, यह आरोप लगाया गया था। कमरा टीडब्ल्यू 348 को सितंबर 2021 में नमाज अदा करने के लिए आवंटित किया गया था, जिसके कारण विपक्षी भाजपा ने विरोध किया, जिसने विधानसभा परिसर में एक हनुमान मंदिर की मांग की।
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