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जेईई मेन्स में कम रहेगी कटऑफ, मिल सकता है टॉप एनआईटी में एडमिशन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 09 Apr 2018 01:32 PM IST
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रविवार को शहर के 18 केंद्रों में हुए जेईई मेन्स परीक्षा की कटऑफ इस बार 70-80 रहने का अनुमान जताया जा रहा है। परीक्षा में 9800 छात्रों ने हिस्सा लिया जबकि 160 छात्र अनुपस्थित रहे। कहा जा रहा है कि 160 से अधिक अंक हासिल करने वाले छात्रों को अच्छी एनआईटी में दाखिला मिल सकता है। यानि 15 हजार तक की रैंक वालों को टॉप एनआईटी कॉलेज मिलने की संभावना है। इस बार कट ऑफ कम रहने के कारण करीब 2.24 लाख छात्रों को एडवांस देने का मौका मिलेगा।
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इसलिए रहेगी कम कटऑफ
बसंल कॉलेज के एमडी बीके बंसल ने बताया कि इस बार कटऑफ इसलिए कम रह सकती है क्योंकि पेपर में 16 सवाल ऐसे थे जो पिछले 3-4 साल के पेपर में आ चुके हैं। वहीं मैथ्य के 5-6 सवाल थोड़े बड़े थे लेकिन आसान थे। फिजिक्स का पेपर भी बेहद सबसे आसान था। वहीं 10 सवाल ऐसे थे जो जेईई मेन्स के सिलेबस से आए। ऐसे में उन छात्रों को थोड़ी मुश्किल हो सकती है जिन्होंने एडवांस के सिलेबस से तैयारी की है। उनके मुताबिक इस बार कटऑफ 70-80 के बीच में रह सकती है।
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बता दें 15 और 16 अप्रैल को जेईई का ऑनलाइन एग्जाम होगा। साथ ही पेपर में किसी प्रकार की नकल और गड़बड़ी की शिकायत भी नहीं मिली है। एक्सपर्ट्स की मानें तो इस बार का पेपर बहुत आसान रहा। वहीं 2017 में कटऑफ सामान्य वर्ग के लिए 81, ओबीसी के लिए 49, एससी के लिए 32 और एसटी के लिए 27 थी। इस बार कटऑफ कम रहने का एक कारण यह भी है कि फिजिक्स के 120 नंबर के पेपर में से 68 नंबर के सवाल ऐसे थे जो 8 टॉपिक्स से आए थे। इसमें करंट इलैक्ट्रीसिटी टॉपिक से ही 12 नंबर के सवाल पूछे गए।
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