मॉब लिंचिंग के आरोपियों को माला पहनाने पर केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने फिर दी सफाई
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रामगढ़ मॉब लिंचिंग के आरोपियों को माला पहनाने पर केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने एक बार फिर सफाई दी है। बुधवार को केंद्रीय मंत्री ने कहा, "मैंने पहले भी कहा था कि कानून अपना काम करेगा। दोषी को सजा मिलेगी और निर्दोष बचाया जाएगा। उन लोगों (रामगढ़ लिंचिंग मामले में दोषी) को माला पहनाने से अगर ऐसा संदेश गया है कि मैं इस तरह के गोरक्षकों को समर्थन करता हूं तो मैं इसके लिए अफसोस व्यक्त करता हूं।"
I have earlier also said that law will take its own course. Guilty will be punished & innocent will be spared. If by garlanding those men (Ramgarh lynching case convicts) an impression has gone out that I support such vigilantism then I express regret: Union Minister Jayant Sinha pic.twitter.com/vHEtqhRg8n
— ANI (@ANI) July 11, 2018विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि सिन्हा द्वारा रामगढ़ मॉब लिंचिंग के आरोपियों को सम्मानित करने पर विपक्षियों ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर उन्हें मंत्रिपरिषद से हटाने की मांग की गई। बता दें कि पिछले साल झारखंड के रामगढ़ में एक मीट व्यापारी की पीट-पीटकर भीड़ ने बीफ ले जाने के शक में हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। जिनकी आजीवन कारावास की सजा पर रांची हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।
इस फैसले से खुश हुए आरोपी जिसमें भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल है, जय प्रकाश नारायण जेल से निकलकर सीधे केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा के घर पहुंचे। मंत्री ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया। मंत्री द्वारा आरोपियों को माला पहनाने की तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। जिसके बाद सफाई देते हुए सिन्हा ने कहा था, 'मेरा न्यायिक व्यवस्था और कानून में पूरा विश्वास है।
सिन्हा ने कहा था कि आरोपी को सजा मिलनी चाहिए। मैं एक जनता का प्रतिनिधि हूं और एक मंत्री हूं। मैंने कानून को बचाने की कसम खाई है। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। जब इन लोगों को जमानत मिली तो यह मेरे घर आए। मैंने उन्हें शुभकामनाएं दीं। भविष्य में भी कानून को अपना काम करने दीजिए। आरोपियों को सजा दी जाएगी और निर्दोष रिहा हो जाएंगे। मंत्री के इस कदम पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता हेमंत सोरेन ने कहा था कि यह बहुत संवेदनशील मामला है और सिन्हा को केंद्रीय मंत्री बनने के बाद ऐसा नहीं करना चाहिए।
बता दें कि 40 साल के अलीमुद्दीन अंसारी को रामगढ़ शहर के टंड इलाके में स्थित बाजार में 29 जून 2017 को भीड़ ने कार में बीफ ले जाने के शक में पीट-पीटकर मार डाला था। बाद में हुई फोरेंसिक जांच में भी इस बात की पुष्टि हुई की कार में रखा मीट बीफ ही था। इस साल मार्च में एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 11 लोगों को इस घटना में आरोपी माना था। हालांकि पिछले हफ्ते झारखंड हाईकोर्ट ने भाजपा कार्यकर्ता सहित 8 लोगों की सजा पर रोक लगा दी थी।