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ममता पर बिगड़े जावड़ेकर, कहा- संसद के अधिकार को चुनौती दी जा रही है
Fri, 20 Dec 2019 10:51 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Fri, 20 Dec 2019 10:51 PM IST
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केंद्रीय वन, पर्यावरण, सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर
- फोटो : amar ujala
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केंद्रीय जलवायु परिवर्तन ,पर्यावरण और सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने पश्चिम बंगाल सीएम ममता बनर्जी के नागरिकता संशोधन अधिनियम और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर पर संयुक्त राष्ट्र की निगरानी वाले जनमत संग्रह की मांग पर नाराजगी जाहिर की है। शुक्रवार को दिल्ली में जावड़ेकर ने संवाददाताओं से कहा कि यह चौंकाने वाली बात है कि ममता बनर्जी जनमत संग्रह की बात रही हैं।
जनमत संग्रह की निगरानी के लिए संयुक्त राष्ट्र निकाय कौन होता है। यह देश की 130 करोड़ लोगों और उनके जनादेश का अपमान है। कोई भी विधेयक दोनों सदनों में व्यापक बहस के बाद अमली जामा पहनता है। इस तरह से सवालिया निशान लगाना ठीक नहीं है। संसद के अधिकारों को चुनौती दी जा रही है। उन्होंने सीएए पर मचे बवाल पर कहा कि कुछ लोग भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
सीएए, पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों को अपने धार्मिक मूल्यों के साथ देश में रहने और अधिकार प्रयोग करने की आजादी देता है। विपक्षी पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं। कुछ तत्व हैं जो भ्रम पैदा कर रहे हैं। जावड़ेकर ने कहा वह सही दृष्टिकोण जनता तक पहुंचे इसकी कोशिश कर रहे हैं।
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केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि यह एनआरसी का अभ्यास इतना सहज होगा कि कोई भी नागरिकता से वंचित नहीं होगा। यानि अगर एनआरसी आएगा तो वह इतना सुचारु ढंग से होगा कि कोई भी अपनी नागरिकता से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा, विरोध प्रदर्शन उनकी समझ से बाहर है क्योंकि इससे पहले 2003 में अटल बिहारी वाजेपयी सरकार और इसके बाद दो बार यूपीए सरकार ने इसे बढ़ाया तब विरोध क्यों नहीं हुआ उन्होंने कहा हम निगरानी कर रहे हैं। पता लगा लेंगे कि कौन लोग विरोध कर रहे हैं और उनका लक्ष्य क्या है। उन्होंने कहा सीएए किसी धर्म का विरोधी नहीं, हम सबको नागरिकता दे रहे हैं जो नियमों के अनुरूप है।
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जनमत संग्रह की निगरानी के लिए संयुक्त राष्ट्र निकाय कौन होता है। यह देश की 130 करोड़ लोगों और उनके जनादेश का अपमान है। कोई भी विधेयक दोनों सदनों में व्यापक बहस के बाद अमली जामा पहनता है। इस तरह से सवालिया निशान लगाना ठीक नहीं है। संसद के अधिकारों को चुनौती दी जा रही है। उन्होंने सीएए पर मचे बवाल पर कहा कि कुछ लोग भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
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सीएए, पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों को अपने धार्मिक मूल्यों के साथ देश में रहने और अधिकार प्रयोग करने की आजादी देता है। विपक्षी पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं। कुछ तत्व हैं जो भ्रम पैदा कर रहे हैं। जावड़ेकर ने कहा वह सही दृष्टिकोण जनता तक पहुंचे इसकी कोशिश कर रहे हैं।
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केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि यह एनआरसी का अभ्यास इतना सहज होगा कि कोई भी नागरिकता से वंचित नहीं होगा। यानि अगर एनआरसी आएगा तो वह इतना सुचारु ढंग से होगा कि कोई भी अपनी नागरिकता से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा, विरोध प्रदर्शन उनकी समझ से बाहर है क्योंकि इससे पहले 2003 में अटल बिहारी वाजेपयी सरकार और इसके बाद दो बार यूपीए सरकार ने इसे बढ़ाया तब विरोध क्यों नहीं हुआ उन्होंने कहा हम निगरानी कर रहे हैं। पता लगा लेंगे कि कौन लोग विरोध कर रहे हैं और उनका लक्ष्य क्या है। उन्होंने कहा सीएए किसी धर्म का विरोधी नहीं, हम सबको नागरिकता दे रहे हैं जो नियमों के अनुरूप है।