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कांग्रेस और भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बना गुजरात में उपचुनाव
Tue, 18 Dec 2018 09:54 AM IST
सोनू शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: सोनू शर्मा
Updated Tue, 18 Dec 2018 09:54 AM IST
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गुजरात की जसदण विधानसभा सीट पर 20 दिसंबर को उपचुनाव होने हैं, जिसके लिए कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने अपनी सारी ताकत झोंक दी है। यहां मतदाताओं को लुभाने के लिए नेता कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। यहां तक कि वो बैलगाड़ी की सवारी से लेकर चाय बनाने और ढोल की थाप पर नाच भी रहे हैं।
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लोकसभा चुनाव से पहले यह राज्य का अंतिम उपचुनाव है और दोनों पार्टियों के लिए यह अब प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुकी है। भाजपा की ओर से कैबिनेट मंत्री कुंवरजी बावलिया को यहां से उम्मीदवार बनाया गया है। बावलिया पहले कांग्रेस में शामिल थे, लेकिन पार्टी की ओर से नेता विपक्ष नहीं बनाए जाने से नाराज होकर इसी साल जुलाई महीने में वो भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा ने उसी दिन उन्हें मंत्री बना दिया था।
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भाजपा के लिए यह उपचुनाव उसकी रणनीतियों का एक टेस्ट है, जिसे वह गुजरात के सबसे बड़े कोली समुदाय को बावलिया के माध्यम से लुभाने की कोशिश में लगी है। वहीं, कांग्रेस के लिए यह चुनाव उसकी प्रतिष्ठा की लड़ाई है और वह अपने गढ़ को बनाए रखने के लिए जीतोड़ मेहनत कर रही है।
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यह चुनाव अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिहाज से काफी दिलचस्प होगा। कांग्रेस के उम्मीदवार अवसर नाकिया, जो प्राथमिक स्तर तक ही पढ़े हैं, वो मतदाताओं को लुभाने में जुटे हुए हैं कि वह भी उन्ही में से एक हैं।
हालांकि नाकिया के लिए यहां से चुनाव लड़ना उतना आसान नहीं होगा, क्योंकि उनके विपक्ष में खड़े बावलिया चार बार विधायकी और एक बार सांसदी का चुनाव जीत चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद वो बावलिया को कड़ी टक्कर देने में लगे हुए हैं। बावलिया जहां चुनाव प्रचार के दौरान ढोल की थाप पर नाचते दिख रहे हैं, तो वहीं नाकिया ने जसदण के मतदाताओं को लुभाने के लिए रिक्शा में परिवर्तित हुई मोटरसाइकिलों पर सवारी करने का फैसला किया है।