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Quad: जापानी विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी ने कहा- वैश्विक चुनौतियों से मिलकर लड़ेंगे भारत-जापान
Sat, 04 Mar 2023 06:37 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Sat, 04 Mar 2023 06:37 AM IST
सार
हयाशी ने एक साक्षात्कार में कहा कि पूर्व व दक्षिण में ताकत के दम पर यथास्थिति को बदलने और ताइवान के आसपास सैन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने के चीन के ‘एकतरफा प्रयास’ चुनौतिपूर्ण तथा चिंताजनक है।
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जापान के विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी और एस जयशंकर।
- फोटो : Twitter@DrSJaishankar
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विस्तार
जापान के विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी ने शुक्रवार को कहा कि यूक्रेन में रूस के हमले से ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा समेत वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है और जापान तमाम चुनौतियों से निपटने के लिए भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार है। जी-7 अध्यक्ष के तौर पर जापान जी-20 के अध्यक्ष भारत के साथ करीबी तालमेल चाहता है।
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हयाशी ने एक साक्षात्कार में कहा कि पूर्व व दक्षिण में ताकत के दम पर यथास्थिति को बदलने और ताइवान के आसपास सैन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने के चीन के ‘एकतरफा प्रयास’ चुनौतिपूर्ण तथा चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए एक स्वतंत्र एवं मुक्त अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का निर्माण जरूरी है, जो समावेशी और कानून के शासन पर आधारित हो। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की मौजूदगी बढ़ रही है।
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क्वाड सैन्य सहयोग के लिए नहीं
जापानी मंत्री ने कहा कि ‘क्वाड’ की शुरुआत किसी का मुकाबला करने या सैन्य सहयोग के लिए नहीं की गई। इस संदर्भ में उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी की टिप्पणी ‘अच्छे के लिए बल’ का उल्लेख किया। ‘क्वाड’ में अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जनवरी में ‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट’ की मेजबानी सहित भारत के उत्कृष्ट नेतृत्व को देखते हुए नई दिल्ली के साथ समन्वय अब और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
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द्विपक्षीय संबंधों की ठोस प्रगति पर की चर्चा : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को जापान के विदेश मंत्री के साथ संबंधों में ठोस प्रगति समेत रणनीतिक सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर बातचीत की। उन्होंने ट्वीट किया कि भारत की अपनी पहली यात्रा पर जापान के विदेश मंत्री की मेजबानी करके खुशी हुई।
लचीली खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता
उन्होंने कहा, यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के प्रतिकूल असर के चलते सस्ते, स्वस्थ और पौष्टिक भोजन तक पहुंच बनाने के साथ-साथ लचीली खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता बन गई है। इसके अलावा, विकासशील देशों के सतत विकास के लिए पारदर्शी एवं निष्पक्ष विकास आवश्यक हो गया है। यूक्रेन-रूस जंग जारी है और रूस जी-20 का सदस्य है, हम अब आक्रमण से पहले की तरह सहयोग बनाए नहीं रख सकते।