फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Jan Dhan account holders should do this important work soon otherwise the account may be closed

Jan Dhan Yojna: जनधन खाता धारक जल्द कर लें यह जरूरी काम, नहीं तो हो सकता है अकाउंट बंद; सरकार ने उठाया अहम कदम

Mon, 07 Jul 2025 04:26 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Mon, 07 Jul 2025 04:26 PM IST
सार

सरकारी बैंक से जुड़े लोगों का कहना है कि अधिकांश निष्क्रिय जनधन खाते ग्रामीण क्षेत्रों से है, लेकिन बैंक इन खातों को फिर से शुरू करने के लिए री-केवाईसी की प्रक्रिया कर रही है।

विज्ञापन
Jan Dhan account holders should do this important work soon otherwise the account may be closed
Jan Dhan Yojana - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

अगर आपके पास भी जनधन खाता है तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी हैं। केंद्र सरकार ने सरकारी बैकों से कहा है कि जो खाते प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खोले गए है। अगर वे लंबे वक्त से इस्तेमाल नहीं हो रहे है। लाभार्थी खाते को जारी नहीं रखना चाहते है तो उन्हें बंद कर दिया जाए। दरअसल, सरकार को जानकारी मिली है कि कई जन धन खाते ऐसे है जिनका उपयोग म्यूल अकाउंट यानी दूसरों के गलत पैसे रखने या भेजने के रूप में हो रहा है। मतलब इनका खाते का प्रयोग फर्जीवाड़ा और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा है। इससे साइबर फ्रॉड और धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे हैं।

विज्ञापन


इसके मद्देनजर सरकार ने उन सभी खातों को बंद करने का निर्देश दिया है, जिनमें पिछले 24 महीनों में कोई लेन-देन नहीं हुआ है। इसके अलावा सरकार ने निष्क्रिय खातों का नए सिरे से सक्रिय करने के लिए फिर से री-केवाईसी प्रक्रिया करने का भी निर्देश दिया है। ऐसे में अगर लाभार्थी खातों को सक्रिय रखने के इच्छुक नहीं दिखाई देते है तो उन्हें बंद कर किए जाएगा। किसी बैंक खाते को निष्क्रिय तब माना जाता है जब लगातार 24 महीने की अवधि में कोई लेनदेन की प्रक्रिया नहीं हो।
विज्ञापन


ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा निष्क्रिय खाते!
सरकारी बैंक से जुड़े लोगों का कहना है कि अधिकांश निष्क्रिय जनधन खाते ग्रामीण क्षेत्रों से है, लेकिन बैंक इन खातों को फिर से शुरू करने के लिए री-केवाईसी की प्रक्रिया कर रही है। अगर लाभार्थी अपने खाते का उपयोग नहीं करना चाहते हैं तो उन्हें बंद कर दिया जाएगा। हाल में यह देखने में आया है कि जनधन खातों का म्यूल खातों के रुप मेंं हो रहा है। इससे फर्जीवाड़े की घटनाएं काफी बढ़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भारतीय रिजर्व बैंक ने ऐसे खातों का पता लगाने के लिए म्यूल हंटर नाम से एक पहल शुरु की है। यह रिजर्व बैंक इनोवेशन हब द्वारा विकसित एआई/एमएल आधारित मॉडल है, जिसे बैंकों को म्यूल खातों की पहचान करने के लिए डिजाइन किया गया है, क्योंकि साइबर अपराधी धोखाधड़ी के जरिये प्राप्त रकम को रखने के लिए ऐसे खातों का उपयोग करते हैं। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में डिजिटल भुगतान श्रेणी में 13,516 धोखाधड़ी के मामले सामने आए और इनमें से अधिकतर मामले बैंकिंग से संबंधित थे। कुल मामलों में इन धोखाधड़ियों की हिस्सेदारी 56.5 फीसदी थी जिसमें 520 करोड़ रुपये शामिल थे।


जनधन योजना के तहत 55.7 करोड़ खाते खोले गए
25 जून तक प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 55.7 करोड़ खाते खोले गए हैं। इन खातों में कुल मिलाकर 2.60 लाख करोड़ रुपये जमा हैं। करीब 55.7 करोड़ खातों में से 31.06 करोड़ खाते महिला लाभार्थियों के हैं। खोले गए कुल खातों में से 37 करोड़  से अधिक खाते ग्रामीण एवं कस्बाई बैंक शाखाओं में हैं जबकि 18.53 करोड़ शाखाएं महानगरों में हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed