फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Jammu kashmir: Informer are new headache of Army

मुखबिरों के डबल क्रॉस ने बढ़ाया सेना का सिरदर्द, शहीद हो गए सेना के जवान

Mon, 27 Feb 2017 07:28 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 27 Feb 2017 07:28 PM IST
विज्ञापन
Jammu kashmir: Informer are new headache of Army
- फोटो : File Photo

जम्‍मू-कश्मीर में पत्‍थरबाजों और आतंकियों का सहयोग करने वाले कुछ स्‍थानीय लोगों के अलावा अब खबरी भी सेना का नया सिरदर्द बन गए हैं। इन खबरियों के कारण ही पिछले कुछ समय में सेना को आतंकियों के खिलाफ आपरेशन के दौरान अपने कई बहादुर जवानों से हाथ धोना पड़ा।

विज्ञापन


मेल टूडे की खबर के अनुसार स्‍थानीय स्तर पर सेना के खबरी लगताार डबल क्रॉस कर रहे हैं, वह सेना की गतिविधियों की जानकारी आतंकियों तक पहुंचा रहे हैं जिसकी वजह से सेना को तो ऑपरेशन चलाने में दिक्‍कत हो ही रही है उसकी कई टीमों को भी आतंकी निशाना बनाने में सफल हो रहे हैं।
विज्ञापन


सेना के सूत्रों के अनुसार बीते दिनों हाजिन और शोपियां में स्‍थानीय खबरियों ने सेना को जो भी सूचनाएं दी वो जानबूझकर गलत दी गई थीं। इसकी वजह से सेना को अपने छह जवानों की जान गंवानी पड़ी और मात्र एक आतंकी मारा गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ताजा मामले में दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में 44 राष्ट्रीय रायफल के तीन जवान शहीद हो गए जबकि एक गंभीर रूप से घायल हुआ। 

यह हमला तब हुआ जब कुंगू गांव में आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर सेना की एक टुकड़ी उनकी तलाश में निकली थी। मौके पर उनके हाथ कुछ नहीं लगा तो पैट्रोलिंग टीम वापस लौटने लगी, इसी दौरान आतंकियों ने पूरी तैयारी के साथ उन पर हमला बोल दिया। 

मुखबिरों की दगाबाजी ने बढ़ाई सेना की चिंता

Jammu kashmir: Informer are new headache of Army

इस घटना ने सेना के लिए खतरे की घंटी बजा दी, क्योंकि यह नये तरह का खतरा है जिससे सेना को जूझना पड़ रहा है। असल में कश्मीर के आतंक प्रभावित इलाकों में सेना के मुखबिर उसके महत्वपूर्ण सूचना तंत्र के रूप में काम करते हैं और वो ही अगर दगाबाजी करने लगें तो फिर सेना के सामने मुश्किल खड़ी हो सकती हैं। मुखबिरों की इन गलत सूचनाओं के कारण पिछले दस दिनों में सेना के दो बड़े अभियान फेल हो गए।

बीते 14 फरवरी को बांदीपोरा के हाजिन इलाके में सेना के तीन जवान शहीद हो गए जबकि 15 गंभीर रूप से घायल हुए। सेना की एक टीम स्‍थानीय सूचना के आधार पर वहां आतंकियों की तलाश में गई थी, जो गलत निकली। लौटते समय रास्ते में आतंकियों ने घात लगाकर टुकड़ी पर हमला कर दिया। इस मुठभेड़ में एक आतंकी ही मारा गया जबकि सेना को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। 

जबकि शोपियां में हुई मुठभेड़ में सेना की एक टुकड़ी आंतकियों के एक ठिकाने को ध्वस्त करने के लिए निकली थी लेकिन कई घंटों की खोजबीन के बाद भी किसी आतंकी का सुराग नहीं मिल सका। रास्ते में लौटते समय आतंकियों ने उन पर धावा बोल दिया।

सेना के जवानों को फंसाने के लिए देते हैं गलत सूचना

Jammu kashmir: Informer are new headache of Army

सूत्रों के मुता‌बिक ये एक तरह का जाल है जिसमें सेना को फंसाने का षडयंत्र रचा जा रहा है। मुठभेड़ के दौरान जवानों को आने वाले खतरे का अंदाजा नहीं होता जबकि आतंकी पूरी तैयारी से हमला करते हैं। 

शोपियां में हुए हमले की जिम्मेदारी तो हिजबुल मुजाहिदीन ने ली थी और एक वीडियो में उसके सदस्य हथियारों के साथ खुशी मनाते हुए नजर आ रहे थे।

वहीं बीते साल जुलाई में आतंकी बुरहान वाणी के बाद आतंकियों की यह नई रणनीति सेना के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है क्योंकि कई ऑपरेशन में सेना ने स्‍थानीय मुखबिरों का बखूबी इस्तेमाल कर सफलता पाई थी। 

स्‍थानीय मुखबिरों के इस सूचना तंत्र की बदौलत सेना ने पिछले कुछ महीनों में 15-20 ऑपरेशन में दो दर्जन से ज्यादा आतंकियों को सफलतापूर्वक मार गिराया था। इसके अलावा सेना ने आंतकियों के बड़े नेटवर्क को भी ध्वस्त करने में सफलता हासिल की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed