कश्मीर: नेताओं के दौरों से बौखलाया पड़ोसी देश टार्गेट किलिंग पर उतरा, खुद के गेम प्लान में फंसे इमरान खान
रक्षा विशेषज्ञ संदीप थापर के अनुसार, कश्मीर में निर्दोष लोगों की हत्या, इसके पीछे पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश है। वह चाहता है कि घाटी में शांति कायम न हो। पाकिस्तान में इमरान खान की सियासत ‘कश्मीर’ के ऊपर टिकी है। वे अपने लोगों से कश्मीर को वापस लाने का झूठ बोलते रहे हैं...
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रस्तावित जम्मू-कश्मीर यात्रा और बाकी नेताओं के दौरों के मद्देनजर घाटी में आतंकी हमले बढ़ते जा रहे हैं। शाह, अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में जम्मू-कश्मीर आ सकते हैं। सुरक्षा मामलों के जानकार कैप्टन अनिल गौर (रिटायर्ड) का कहना है, घाटी में बाहर के लोगों पर हमले करा कर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अपने ही गेम प्लान में फंस गए हैं। इमरान ने अपने लोगों से कहा था कि कश्मीर जब तक हिंदुस्तान में है, वहां अमन-चैन नहीं रहेगा। अब कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा लहरा रहा है, जन्माष्टमी की शोभा यात्रा निकाली गई। डल झील पर एयरफोर्स शो हुआ। नई इंडस्ट्रीयल पॉलिसी, फिल्म पॉलिसी और डोमीसाइल पॉलिसी लागू कर दी गई। पाकिस्तान के लोग अब इमरान खान से सवाल कर रहे हैं कि कश्मीर में तो बहुत कुछ सामान्य हो गया है। उसी वजह से अब आईएसआई ने ‘टार्गेट किलिंग’ की कायराना हरकत की है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा एकत्रित सबूतों से पड़ोसी का नकाब उतार दिया जाएगा।
12 दिनों में दहशतगर्दों की गोली का निशाना बने ये लोग
- 5 अक्तूबर: फार्मासिस्ट माखन लाल बिंद्रू, बिहार के वीरेंद्र पासवान
- 7 अक्तूबर: प्रिंसिपल सुपिंदर कौर, शिक्षक दीपक चांद
- 16 अक्तूबर: बिहार के अरविंद कुमार साह, यूपी के सगीर अहमद
- 17 अक्तूबर: बिहार के राजा ऋषि देव, बिहार के जोगिंदर ऋषि देव, चुनचुन रिषि देव (घायल)
अपने झूठ में फंस चुके हैं इमरान खान
रक्षा विशेषज्ञ संदीप थापर के अनुसार, कश्मीर में निर्दोष लोगों की हत्या, इसके पीछे पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश है। वह चाहता है कि घाटी में शांति कायम न हो। पाकिस्तान में इमरान खान की सियासत ‘कश्मीर’ के ऊपर टिकी है। वे अपने लोगों से कश्मीर को वापस लाने का झूठ बोलते रहे हैं। कैप्टन अनिल गौर का कहना है, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और आईएसआई अपने ही बुने जाल में फंस चुके हैं। उन्हें पाकिस्तान की जनता को जवाब देना है। अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद घाटी में हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। आतंकी भी मारे जा रहे हैं। अब पड़ोसी देश ने ओवर ग्राउंड और अंडर ग्राउंड वर्कर की मदद से आतंकवाद को बढ़ावा देना शुरू कर दिया है। घाटी में ये दोनों तरह के वर्कर नॉन लोकल को निशाना बना रहे हैं। बाहर के लोगों को धमकाया जा रहा है कि वे यहां से चले जायें। अगर काम के लिए यहां बाहर के लोग आते हैं तो वे घाटी में रहने लगेंगे। ऐसे ही उनकी संख्या बढ़ती जाएगी। पाकिस्तान अपने गुर्गों के द्वारा इसीलिए घाटी में दहशत का माहौल पैदा कर रहा है। ओवर ग्राउंड और अंडर ग्राउंड वर्कर का सुरक्षा बल इनका पता लगा रहे हैं, मगर इस मामले में स्थानीय लोग सबसे बड़े मददगार साबित हो सकते हैं। वजह, ओवर ग्राउंड वर्कर सामान्य लोगों के बीच रह कर आतंकियों को सूचना मुहैया कराने से लेकर उन्हें टारगेट तक पहुंचाने के लिए हर तरह की मदद करते हैं।